Sheikh Hasina का बड़ा दावा: ‘मार भी देंगे तो बांग्लादेश जाऊंगी’, वापसी को लेकर किया ऐलान

Sheikh Hasina Bangladesh Return: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने देश लौटने को लेकर बड़ा ऐलान किया है। बुधवार को एक Virtual Press Conference के दौरान उन्होंने कहा कि वह दिसंबर में बांग्लादेश वापस जाएंगी। उन्होंने दावा किया कि उनकी वापसी सत्ता हासिल करने के लिए नहीं, बल्कि देश में Democracy और Justice को बहाल करने के उद्देश्य से होगी।

हसीना ने कहा कि उन्हें गिरफ्तारी या मौत की सजा का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन वह इससे डरकर बांग्लादेश लौटने का फैसला नहीं बदलेंगी। उन्होंने कहा कि वह अपने लोगों के बीच रहने के लिए देश वापस जाएंगी।

‘मुझे जेल में डाल सकते हैं या मार सकते हैं’

5 अगस्त 2024 को भारत आने के बाद मीडिया से अपनी पहली सार्वजनिक बातचीत में शेख हसीना ने कहा कि उन्हें पता है कि बांग्लादेश लौटने पर उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।

उन्होंने कहा कि उन्हें जेल भेजे जाने या मौत की सजा दिए जाने का खतरा मालूम है, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने वापस लौटने का फैसला किया है। हसीना के मुताबिक उनका उद्देश्य सत्ता में वापस आना नहीं, बल्कि बांग्लादेश को Development, Secularism और Prosperity की दिशा में आगे ले जाना है।

78 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री अगस्त 2024 में ढाका से निकलने के बाद से भारत में रह रही हैं।

‘मैंने जाने का फैसला किया है और बांग्लादेश जाऊंगी’

शेख हसीना ने अपने रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि उन्होंने देश वापस जाने का फैसला कर लिया है। उन्होंने कहा कि वह अपने लोगों से कभी अलग नहीं हुईं, भले ही उन्हें बांग्लादेश से बाहर रहने के लिए मजबूर होना पड़ा।

उन्होंने बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति को लेकर भी चिंता जताई। हसीना के मुताबिक देश में घरों, कार्यस्थलों और शिक्षण संस्थानों में डर का माहौल है। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति उस बांग्लादेश जैसी नहीं है, जिसे उनकी सरकार ने बनाने की कोशिश की थी।

‘मुझे Student Movement ने नहीं हटाया’

शेख हसीना ने जुलाई-अगस्त 2024 में हुए विरोध प्रदर्शनों को लेकर भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी सरकार के खिलाफ हुआ आंदोलन केवल Peaceful Student Movement नहीं था।

हसीना का दावा है कि संगठित समूहों ने विरोध प्रदर्शन को एक हिंसक राजनीतिक हथियार में बदल दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें देश छोड़ने के लिए मजबूर किया गया, लेकिन वह अपने लोगों से कभी अलग नहीं हुईं।

हालांकि, ये शेख हसीना द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं और इन्हें उनके पक्ष के दावे के रूप में देखा जाना चाहिए।

बांग्लादेश में हालात पर जताई चिंता

पूर्व प्रधानमंत्री ने बांग्लादेश की मौजूदा परिस्थितियों को लेकर International Community से भी अपील की। उन्होंने दुनिया के देशों से लोकतंत्र और न्याय के लिए संघर्ष कर रहे बांग्लादेशी लोगों के साथ खड़े होने का आग्रह किया।

हसीना ने कहा कि देश में मौजूदा हालात चिंताजनक हैं और लोगों के बीच असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।

बेटे Sajeeb Wazed Joy ने भी लगाए गंभीर आरोप

शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय ने भी बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि अगस्त 2024 के बाद से देश में Political Killings को कानूनी मान्यता जैसी स्थिति बन गई है।

उन्होंने बांग्लादेश को ‘Failed State’ बताते हुए आरोप लगाया कि वहां Law and Order की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है।

जॉय ने भारत की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जाहिर की। उनके अनुसार नई दिल्ली के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि भारत की पूर्वी सीमा पर बांग्लादेश की स्थिति एक और पाकिस्तान जैसी बन गई है। यह भी उनका राजनीतिक आकलन और आरोप है।

भारत को बताया बांग्लादेश का अच्छा दोस्त

शेख हसीना ने बांग्लादेश के साथ भारत के संबंधों को लेकर भी सकारात्मक टिप्पणी की। उन्होंने भारत को बांग्लादेश का अच्छा दोस्त बताते हुए कहा कि भारत हमेशा उनके देश के साथ खड़ा रहा है।

वहीं, बांग्लादेश में हसीना के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का मामला भी जारी है। पिछले साल नवंबर में ढाका की एक विशेष ट्रिब्यूनल ने 2024 में छात्र-नेतृत्व वाले प्रदर्शनों के दौरान उनकी सरकार की कार्रवाई से जुड़े Crimes Against Humanity के मामले में उनकी अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई थी।

इस फैसले के बाद बांग्लादेश की ओर से भारत से शेख हसीना को वापस भेजने की मांग की जाती रही है, ताकि वह वहां कानूनी प्रक्रिया का सामना कर सकें।

अब शेख हसीना के दिसंबर में बांग्लादेश लौटने के बयान ने वहां की राजनीति और Bangladesh Political Crisis को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है।