Ayodhya Ram Mandir Donation Scam की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस और जांच एजेंसियों को शुरुआती जांच में ऐसे संकेत मिले हैं कि मंदिर के चढ़ावे से कथित रूप से हेरफेर की गई रकम का इस्तेमाल Property Investment, लग्जरी वाहनों की खरीद और रिश्तेदारों की आर्थिक मदद में किया गया।
प्लॉट, खेती की जमीन और रिश्तेदारों के नाम निवेश
जांच में सामने आया है कि कुछ आरोपियों ने अयोध्या और फैजाबाद में प्लॉट और कृषि भूमि खरीदी। कई संपत्तियां सीधे अपने नाम पर लेने के बजाय रिश्तेदारों और करीबी लोगों के नाम दर्ज कराई गईं ताकि पैसों का स्रोत आसानी से सामने न आए।
रविवार को पुलिस ने सात आरोपियों के घरों पर छापेमारी कर उनकी चल-अचल संपत्तियों का आकलन शुरू किया। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित चोरी की रकम कहां-कहां निवेश की गई।
SIT रिपोर्ट में भी जताई गई थी आशंका
SIT Investigation में पहले ही आशंका जताई गई थी कि चढ़ावे में हेरफेर लंबे समय से की जा रही थी। रिपोर्ट के मुताबिक, नोटों की गिनती और बंडलिंग से जुड़े कुछ कर्मचारियों ने कथित तौर पर रकम की हेराफेरी की।
जांचकर्ताओं का कहना है कि कई आरोपियों की जीवनशैली में अचानक बड़ा बदलाव दिखाई दिया, जिससे संदेह और गहरा हुआ। किसी ने मकान खरीदा, किसी ने खेती की जमीन, जबकि कुछ ने अपने रिश्तेदारों के कारोबार में पैसा लगाया।
दो साल में बदल गई Lifestyle
जांच एजेंसियों के अनुसार अधिकांश आरोपी पिछले दो से ढाई वर्षों में ही मंदिर की व्यवस्था से जुड़े थे। इतने कम समय में उनकी आर्थिक स्थिति और रहन-सहन में बड़ा बदलाव देखने को मिला।
कुछ आरोपियों ने नई बाइक और कार खरीदीं, जबकि एक आरोपी ने अयोध्या और फैजाबाद में अपने और रिश्तेदारों के नाम कई प्लॉट खरीद लिए। जांच में यह भी सामने आया है कि कथित तौर पर एक रिश्तेदार के शिक्षा से जुड़े कारोबार में लाखों रुपये लगाए गए।
मुख्य आरोपी टिन्नू यादव की संपत्तियों की भी जांच
मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू का पैतृक घर अयोध्या के स्वर्गद्वार क्षेत्र में है। परिवार का दावा है कि उनकी अधिकांश संपत्ति मंदिर से जुड़ने से पहले की है और उसका चढ़ावे की रकम से कोई संबंध नहीं है।
हालांकि पुलिस टिन्नू के हॉस्टल, अन्य संपत्तियों और आय के स्रोतों की भी जांच कर रही है।
अनुकल्प मिश्रा के आलीशान घर पर भी जांच
आरोपी अनुकल्प मिश्रा के कौशलपुरी स्थित मकान को लेकर भी जांच जारी है। स्थानीय लोगों के मुताबिक यह घर हाल के वर्षों में खरीदा गया और इसकी कीमत लगभग 40 लाख रुपये बताई जा रही है।
जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि संपत्ति खरीदने में इस्तेमाल हुई रकम का स्रोत क्या था।
कुछ आरोपियों के घर सामान्य, फिर भी जांच जारी
जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ आरोपियों के परिवार अब भी बेहद सामान्य परिस्थितियों में रह रहे हैं। इसके बावजूद पुलिस उनकी बैंकिंग गतिविधियों, संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन की गहन जांच कर रही है ताकि किसी भी छिपे हुए निवेश का पता लगाया जा सके।
Luxury Life ने बढ़ाया शक
जांच अधिकारियों के मुताबिक कई आरोपी सामान्य परिवारों से होने के बावजूद अचानक महंगे कपड़े, लग्जरी बाइक, कार और खर्चीली जीवनशैली अपनाने लगे थे। यही बदलाव शुरुआती स्तर पर संदेह की बड़ी वजह बना।
अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या इन खर्चों और संपत्तियों का संबंध कथित Ram Mandir Donation Theft Case से है।
छह युवा आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी
अब तक इस मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों में से छह की उम्र 20 से 25 वर्ष के बीच बताई जा रही है। पुलिस का दावा है कि अब तक करीब 80 लाख रुपये की बरामदगी की जा चुकी है।
फिलहाल जांच एजेंसियां आरोपियों की संपत्तियों, बैंक खातों, रिश्तेदारों के वित्तीय लेनदेन और कथित निवेश की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं। मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में कई और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।