Rahul Gandhi Uttarakhand Visit: खराब मौसम ने बदला कार्यक्रम, WhatsApp से की रैली

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे के दौरान अल्मोड़ा में प्रस्तावित जनसभा मौसम संबंधी कारणों से प्रभावित हो गई। निर्धारित कार्यक्रम के तहत राहुल गांधी हेलिकॉप्टर से अल्मोड़ा के लिए रवाना हुए थे, लेकिन उड़ान बीच रास्ते से वापस लौटानी पड़ी। इसके बाद उन्होंने WhatsApp Call के जरिए सभा को संबोधित किया।

खराब मौसम के कारण बदला कार्यक्रम

राहुल गांधी सुबह पंतनगर एयरपोर्ट पहुंचे, जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वह हेलिकॉप्टर से अल्मोड़ा के लिए रवाना हुए, लेकिन मौसम को देखते हुए हेलिकॉप्टर को वापस पंतनगर लौटना पड़ा। इसके चलते उनकी प्रत्यक्ष मौजूदगी वाली जनसभा नहीं हो सकी।

WhatsApp Call से किया संबोधन

अल्मोड़ा में पहले से चल रहे कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने फोन कॉल के माध्यम से लोगों को संबोधित किया। उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों, बढ़ती महंगाई और उत्तराखंड से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। साथ ही कहा कि राज्य के विकास और भ्रष्टाचार मुक्त शासन के लिए कांग्रेस की भूमिका महत्वपूर्ण है।

उन्होंने सभा में मौजूद लोगों का आभार जताते हुए आश्वासन दिया कि भविष्य में वह व्यक्तिगत रूप से अल्मोड़ा का दौरा करेंगे।

भाषण के दौरान दिखा मिश्रित प्रतिक्रिया का माहौल

फोन कॉल के जरिए किए गए संबोधन के दौरान तकनीकी कारणों से आवाज स्पष्ट रूप से नहीं सुनाई देने की बात भी सामने आई। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद कुछ लोग भाषण के बीच ही वापस लौटते दिखाई दिए। हालांकि बड़ी संख्या में समर्थक अंत तक कार्यक्रम में मौजूद रहे।

दीपक कुमार उर्फ मोहम्मद दीपक से मुलाकात

उत्तराखंड दौरे के दौरान राहुल गांधी का कोटद्वार निवासी दीपक कुमार उर्फ मोहम्मद दीपक से मिलने का भी कार्यक्रम है। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक वह उनके जिम का दौरा करेंगे और कुछ समय वहां बिताएंगे।

भाजपा ने साधा निशाना

राहुल गांधी के दौरे के बीच भाजपा नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी। उत्तराखंड राज्य पूर्व सैनिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष कर्नल अजय कोठियाल ने उनके पूर्व सैनिक सम्मेलन को राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित बताया। वहीं भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर सैनिकों के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया।

2027 चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 को देखते हुए राहुल गांधी का यह दौरा राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कांग्रेस राज्य में अपनी संगठनात्मक पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है, जबकि भाजपा भी लगातार कांग्रेस के आरोपों का जवाब देने में जुटी हुई है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों से पहले उत्तराखंड में दोनों प्रमुख दलों के बीच राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने वाली हैं।