उत्तराखंड विधानसभा सत्र पर सियासत तेज, प्रीतम सिंह बोले- गैरसैंण में ही हो कार्यमंत्रणा समिति की बैठक

उत्तराखंड में गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में प्रस्तावित सत्र को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस ने 27 और 28 अक्टूबर 2026 को होने वाले विधानसभा सत्र से पहले कार्यमंत्रणा समिति की बैठक देहरादून में बुलाए जाने पर आपत्ति जताई है। प्रदेश कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष और चकराता विधायक प्रीतम सिंह ने राज्य सरकार के इस फैसले पर सवाल उठाते हुए बैठक गैरसैंण में कराने और विधानसभा सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग की है।

‘कथनी और करनी में अंतर’ का आरोप

विधानसभा की कार्यमंत्रणा समिति के सदस्य प्रीतम सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित करने का श्रेय लेती है, लेकिन उसके फैसलों में इस क्षेत्र के प्रति अपेक्षित गंभीरता दिखाई नहीं देती।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब विधानसभा का सत्र भराड़ीसैंण में आयोजित होना है, तो सदन की कार्यवाही और एजेंडे से संबंधित निर्णय लेने वाली कार्यमंत्रणा समिति की बैठक देहरादून में क्यों रखी गई है?

कांग्रेस नेता ने इसे सरकार की कथनी और करनी के बीच अंतर बताते हुए कहा कि इस तरह के फैसलों से गैरसैंण को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े होते हैं।

गैरसैंण में सत्र आयोजित करना महज औपचारिकता: प्रीतम सिंह

प्रीतम सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार गैरसैंण को वास्तविक रूप से ग्रीष्मकालीन राजधानी के तौर पर विकसित करने के प्रति गंभीर नहीं दिख रही है। उनके अनुसार, वहां विधानसभा सत्र आयोजित करना केवल औपचारिकता बनकर नहीं रहना चाहिए, बल्कि राजधानी से जुड़ी व्यवस्थाओं और गतिविधियों को भी मजबूत किया जाना चाहिए।

हालांकि, इस मुद्दे पर सरकार की ओर से प्रतिक्रिया की जानकारी उपलब्ध नहीं है। फिलहाल कांग्रेस ने कार्यमंत्रणा समिति की बैठक के स्थान को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।

दो दिवसीय सत्र में जनहित के मुद्दों पर चर्चा को लेकर सवाल

कांग्रेस नेता ने 27 और 28 अक्टूबर को प्रस्तावित दो दिवसीय विधानसभा सत्र की अवधि पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा, पलायन और आपदा प्रभावित क्षेत्रों की समस्याएं जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, जिन पर सदन में विस्तार से चर्चा होनी चाहिए।

प्रीतम सिंह के मुताबिक, विधानसभा लोकतंत्र का महत्वपूर्ण मंच है, जहां जनप्रतिनिधि जनता की समस्याओं को उठाते हैं और सरकार से जवाब मांगते हैं। ऐसे में सत्र की अवधि पर्याप्त होनी चाहिए, ताकि प्रदेश से जुड़े गंभीर विषयों पर सार्थक चर्चा हो सके।

बैठक गैरसैंण में कराने और सत्र बढ़ाने की मांग

प्रीतम सिंह ने राज्य सरकार और विधानसभा अध्यक्ष से दो प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली, 24 अक्टूबर 2026 को देहरादून में प्रस्तावित कार्यमंत्रणा समिति की बैठक को भराड़ीसैंण में आयोजित किया जाए। दूसरी, 27 और 28 अक्टूबर के विधानसभा सत्र की अवधि बढ़ाई जाए।

कांग्रेस का कहना है कि सत्र का समय बढ़ने से प्रदेश के जरूरी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हो सकेगी। अब देखना होगा कि सरकार और विधानसभा अध्यक्ष इन मांगों पर क्या रुख अपनाते हैं।