Supplementary budget of ₹7,412 crore approved, scheme for single women renamed; here are the cabinet's decisions
उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में विकास, शिक्षा, खेल, रोजगार, पर्यटन और आम जनता से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में कुल 26 फैसलों पर मुहर लगाए जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें सड़क और पुल निर्माण की मंजूरी प्रक्रिया को आसान बनाने, दिव्यांग विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षाओं में राहत देने, खिलाड़ियों को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों के लिए मुफ्त कोचिंग की आय सीमा बढ़ाने जैसे निर्णय शामिल हैं।
इसके अलावा कैबिनेट ने गैरसैंण में प्रस्तावित विधानसभा सत्र में करीब 7,412 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। कई विभागों के सेवा नियमों में बदलाव के साथ विश्वविद्यालयों, पर्यटन और सरकारी कर्मचारियों से जुड़े प्रस्तावों पर भी निर्णय लिए गए।
सड़क और पुल निर्माण की मंजूरी प्रक्रिया होगी आसान
लोक निर्माण विभाग (PWD) के अंतर्गत सड़क और पुल निर्माण से संबंधित अनुमति प्रक्रिया को सरल बनाने का फैसला लिया गया है। पहले पहाड़ों की कटाई, सुरक्षा दीवार, नालियों और पुलियों जैसे निर्माण कार्यों के लिए अलग-अलग चरणों में मंजूरी लेनी पड़ती थी। इससे परियोजनाओं के पूरा होने में देरी होती थी। अब इन कार्यों के लिए एक साथ अनुमति देने की व्यवस्था की जाएगी। सरकार का उद्देश्य निर्माण कार्यों में लगने वाला समय कम करना और पहाड़ी क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देना है।
दिव्यांग विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा में 5 प्रतिशत की छूट
उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद (UBSE) की परीक्षाओं में कुछ श्रेणियों के दिव्यांग विद्यार्थियों को पासिंग मार्क्स में 5 प्रतिशत की छूट देने का निर्णय लिया गया है। इसमें बौद्धिक दिव्यांगता, ऑटिज्म, सेरेब्रल पाल्सी, मानसिक अस्वस्थता और विशिष्ट अधिगम अक्षमता (स्पेशल लर्निंग डिसेबिलिटी) वाले विद्यार्थियों को शामिल किया गया है।
प्रस्तुत जानकारी के अनुसार, इस छूट के बाद संबंधित विद्यार्थियों के लिए उत्तीर्ण होने के लिए 28 प्रतिशत अंक लाने का प्रावधान होगा। इसका उद्देश्य विशेष जरूरतों वाले विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षाओं में राहत देना है।
खिलाड़ियों को मुफ्त बस यात्रा, हर जिले में तैनात होंगे मुख्य कोच
कैबिनेट ने राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर पुरस्कार जीतने वाले खिलाड़ियों को उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। यह निर्णय मुख्यमंत्री की वर्ष 2022 की घोषणा के अनुरूप लागू किया जाना है।
वहीं, ‘एक जिला एक खेल’ योजना के तहत 14 मुख्य प्रशिक्षकों की संविदा पर नियुक्ति की जाएगी। इनमें प्रत्येक जिले के लिए एक और खेल निदेशालय के लिए एक मुख्य कोच शामिल होगा। इनकी नियुक्ति तीन साल के लिए होगी और उन्हें 1.45 लाख रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। इसके साथ ही राष्ट्रीय खेलों के दौरान बनाए गए स्टेडियमों का उपयोग संबंधित क्षेत्रों में लोकप्रिय खेलों को बढ़ावा देने के लिए किया जाएगा।
SC/ST अभ्यर्थियों के लिए मुफ्त कोचिंग की आय सीमा बढ़ी
समाज कल्याण विभाग की मुफ्त कोचिंग योजना के तहत अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के अभ्यर्थियों के परिवार की वार्षिक आय सीमा 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख रुपये कर दी गई है। इस बदलाव से अधिक आय वर्ग के पात्र अभ्यर्थियों को भी योजना का लाभ मिल सकेगा।
इसके अलावा, उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (UREDA) में कार्यरत कनिष्ठ अभियंताओं (JE) के ग्रेड पे में वृद्धि को मंजूरी दी गई है। उनका ग्रेड पे 4,200 रुपये से बढ़ाकर 4,600 रुपये किया गया है। इसके साथ शुरुआती मूल वेतन 35,400 रुपये से बढ़कर 44,900 रुपये होने की जानकारी दी गई है।
7,412 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश करने की तैयारी
राज्य सरकार आगामी विधानसभा सत्र में करीब 7,412 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश करेगी। कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह सत्र गैरसैंण में आयोजित होना प्रस्तावित है। अनुपूरक बजट के जरिए वित्तीय वर्ष के दौरान आवश्यक अतिरिक्त खर्चों के लिए बजटीय प्रावधान किए जाते हैं।
UCC नियमों में संशोधन और राज्य कर अधिकारियों की भर्ती में बदलाव
समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के दौरान सामने आई व्यावहारिक दिक्कतों और लिपिकीय त्रुटियों को दूर करने के लिए संशोधन नियमावली-2026 को अधिसूचित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
इसके साथ ही उत्तराखंड राज्य कर अधिकारी सेवा नियमावली, 2009 में बदलाव किया जाएगा। इसके तहत अधिकारियों की भर्ती के स्रोत और आयु सीमा से जुड़े नियमों में संशोधन प्रस्तावित है। राज्य के GST कानून में केंद्रीय कानूनों के अनुरूप संशोधन करने के लिए संबंधित अध्यादेश को विधानसभा में विधेयक के रूप में पेश करने की भी तैयारी है।
सभी 13 DIET का पुनर्गठन, स्कूलों में सेंट्रलाइज्ड किचन
प्रदेश के सभी 13 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (DIET) का पुनर्गठन किया जाएगा। प्रत्येक संस्थान में पदों की संख्या 48 से घटाकर 44 करने का प्रस्ताव है। इसके साथ उप-प्राचार्य, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी के नए पद बनाए जाएंगे, जबकि कुछ मौजूदा पद समाप्त किए जाएंगे या उनके नाम बदले जाएंगे।
प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर के कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को गर्म भोजन उपलब्ध कराने के लिए सेंट्रलाइज्ड किचन स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए ‘अन्नपूर्णा/अन्नामृता फाउंडेशन’ को जमीन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है।
निजी विश्वविद्यालयों के नियमों में बदलाव
निजी विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन के तहत राज्य सरकार के पास जमा की जाने वाली स्थायी विन्यास निधि यानी कॉर्पस फंड की शर्त समाप्त करने का प्रस्ताव मंजूर किया गया है। इसके अलावा रुड़की के आरोग्यम विश्वविद्यालय और बी.एस.एम. विश्वविद्यालय को अधिनियम की अनुसूची में शामिल किया जाएगा।
उत्तरकाशी स्थित श्रीमती मंजीरा देवी विश्वविद्यालय के संचालन और नियमन के लिए ‘परिनियम-2026’ लागू करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। देहरादून स्थित IMS यूनिसन विश्वविद्यालय के प्रशासनिक संचालन और नियमों से संबंधित परिनियम-2026 को लागू करने पर भी सहमति बनी।
महिलाओं के लिए योजना का नाम बदला, खटीमा के विद्यालय को हाईस्कूल का दर्जा
बेसहारा, विधवा, परित्यक्ता और अविवाहित महिलाओं को सहायता देने वाली ‘भरण-पोषण अनुदान योजना’ का नाम बदलकर अब ‘मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान योजना’ कर दिया गया है।
वहीं, ऊधमसिंह नगर के खटीमा स्थित राजकीय आश्रम पद्धति बालिका आवासीय विद्यालय को कक्षा 8 से बढ़ाकर कक्षा 10 तक करने का फैसला लिया गया है। इससे विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राओं को हाईस्कूल स्तर तक शिक्षा प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी।
पुराने स्टाम्प मामलों के लिए एकमुश्त समाधान योजना
लंबे समय से अदालतों या राजस्व परिषद में लंबित स्टाम्प संबंधी मामलों के निपटारे के लिए एकमुश्त समाधान योजना (OTS) लागू की जाएगी। इसके तहत पात्र मामलों में ब्याज और जुर्माने में छूट देकर विवादों का शीघ्र निपटारा करने और राजस्व वसूली में तेजी लाने का लक्ष्य है।
इसके अलावा विभागीय लेखा निदेशालय में चार पुराने पदों को समाप्त या समर्पित कर कनिष्ठ सहायक के पांच नए पद सृजित किए जाएंगे। वित्तीय डाटा सेंटर का तकनीकी पुनर्गठन भी किया जाएगा। यहां आउटसोर्स कर्मचारियों की शुरुआती नियुक्ति अवधि तीन साल होगी, जिसे जरूरत के अनुसार दो साल तक बढ़ाया जा सकेगा।
एडवेंचर टूरिज्म के लिए बनेगी नई कंपनी
राज्य में साहसिक पर्यटन और ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के साथ सुरक्षा व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए उत्तराखंड एडवेंचर टूरिज्म कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UATCL) का गठन किया जाएगा। यह उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड (UTDB) और उत्तराखंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (UIIDB) की संयुक्त कंपनी के रूप में काम करेगी।
इसके अतिरिक्त उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समूह ‘ग’ और ‘घ’ कर्मचारियों की सेवा शर्तें तय करने के लिए सेवा विनियमावली-2026 लागू की जाएगी। राज्य के 21 बड़े बांधों की सुरक्षा से जुड़ी वर्ष 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट को विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी भी दी गई।
मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट और ‘जौनसारी’ नाम में सुधार
उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग की वर्ष 2019 से 2022 तक की रिपोर्ट को मंजूरी दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि से संबंधित प्रस्तुत आंकड़ों में आयोग को कुल 16,388 मामले मिले, जिनमें से 15,075 का निपटारा किया जा चुका है। रिपोर्ट विधानसभा के पटल पर रखी जाएगी।
वहीं, उत्तर प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम में लिपिकीय त्रुटि के कारण ‘जौनसारी’ जनजाति का नाम ‘जन्नासरी’ दर्ज होने की बात सामने आई है। इसे ठीक करने के लिए केंद्र सरकार को संस्तुति भेजने का निर्णय लिया गया है।
कैबिनेट के इन फैसलों का असर सड़क निर्माण, शिक्षा, खेल, सामाजिक कल्याण, सरकारी सेवाओं और पर्यटन जैसे कई क्षेत्रों पर पड़ने की उम्मीद है। हालांकि, जिन निर्णयों के लिए नियमावली, अधिसूचना या विधेयक की प्रक्रिया जरूरी है, उनका वास्तविक क्रियान्वयन संबंधित औपचारिकताएं पूरी होने के बाद होगा।