NEET Protest और CJP Movement पर सियासत तेज, संसद से सड़क तक विपक्ष का प्रदर्शन

NEET Paper Leak और जवाबदेही की मांग को लेकर शुरू हुआ CJP Protest अब राजनीतिक रूप से और अधिक अहम होता जा रहा है। मंगलवार को इस आंदोलन ने नया मोड़ ले लिया, जब संसद के भीतर सरकार को घेरने के साथ-साथ विपक्ष सड़क पर भी उतर आया। माना जा रहा है कि छात्रों और युवाओं से जुड़े इस मुद्दे को विपक्ष बड़े राजनीतिक अभियान में बदलने की तैयारी कर रहा है।

नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना देकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की। वहीं Sharad Pawar, Akhilesh Yadav और Supriya Sule समेत कई विपक्षी नेता भी आंदोलन के समर्थन में सक्रिय नजर आए। इससे संकेत मिले कि विपक्ष NEET Controversy और CJP Movement को लगातार राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की रणनीति पर काम कर रहा है।

संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह घेराव

सोमवार को हुए CJP Parliament March के दौरान प्रदर्शनकारी सुरक्षा घेरा पार करते हुए संसद के प्रवेश द्वार तक पहुंच गए थे, जिसके चलते कुछ समय के लिए संसद के कुछ गेट बंद करने पड़े। इसके बाद मंगलवार को संसद के भीतर भी विपक्ष ने सरकार को घेरने की कोशिश की।

संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए सांसदों को संबोधित करते हुए कहा कि NEET Paper Leak मामले में सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। उन्होंने विपक्ष पर इस मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने का भी आरोप लगाया।

जेपी नड्डा ने घायलों से मुलाकात की

इसी बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने अस्पताल पहुंचकर प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्रों का हालचाल जाना। दूसरी ओर विपक्ष ने संसद की कार्यवाही बाधित करने के बाद स्पीकर से मुलाकात कर इस मुद्दे पर तत्काल चर्चा और सरकार की ओर से जवाब की मांग की।

जब विपक्ष को अपनी मांगों पर स्पष्ट आश्वासन नहीं मिला तो राहुल गांधी प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठ गए। सरकार की ओर से पीएमओ में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह और गृह सचिव गोविंद मोहन को बातचीत के लिए भेजा गया, लेकिन वार्ता किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी।

सरकार और विपक्ष आमने-सामने

विपक्ष ने साफ संकेत दिए हैं कि वह NEET Protest और CJP Issue को संसद के साथ-साथ सड़कों पर भी लगातार उठाएगा। वहीं सरकार का कहना है कि वह दबाव में आने वाली नहीं है और विपक्ष द्वारा किए जा रहे राजनीतिक हमलों का जवाब तथ्यों और कार्रवाई के आधार पर देगी।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि छात्रों और युवाओं का समर्थन आंदोलन के साथ बढ़ता है, तो CJP Protest, NEET Paper Leak Case और Education Reform जैसे मुद्दे आने वाले दिनों में राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में बने रह सकते हैं।