उत्तराखंड के नए विधानसभा भवन का रास्ता साफ? 3000 पेड़ों की कटाई पर उठे सवाल

उत्तराखंड सरकार की लंबे समय से प्रस्तावित New Assembly Building Project और नए Secretariat Complex को लेकर एक बार फिर प्रक्रिया तेज हो गई है। देहरादून के रायपुर क्षेत्र में प्रस्तावित इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण अब लोक निर्माण विभाग (PWD) करेगा। इससे पहले दो बार विभिन्न कारणों से यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी थी, लेकिन अब तीसरी बार नए सिरे से इसे शुरू किया जा रहा है।

60 हेक्टेयर वन भूमि पर प्रस्तावित है परियोजना

प्रस्तावित विधानसभा भवन और सचिवालय परिसर रायपुर की थानो रोड पर स्थित स्पोर्ट्स कॉलेज के निकट लगभग 60 हेक्टेयर वन भूमि पर विकसित किया जाना है। इस परियोजना की चर्चा वर्ष 2012 से चल रही है और इसे राज्य के सबसे बड़े प्रशासनिक एवं विधायी बुनियादी ढांचा (Infrastructure Development) प्रोजेक्ट्स में शामिल माना जा रहा है।

पहले भी मिल चुकी थी मंजूरी, लेकिन अटक गया था मामला

परियोजना के लिए आवश्यक Forest Land Transfer को लेकर केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 में प्रारंभिक स्वीकृति दी थी। हालांकि राज्य स्तर पर समय पर जरूरी औपचारिकताएं पूरी नहीं हो सकीं, जिसके चलते 2024 में यह मंजूरी निरस्त हो गई।

इसके बाद राज्य संपत्ति विभाग को नया प्रस्ताव तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी। मार्च 2025 में संशोधित प्रस्ताव वन विभाग को भेजा गया, लेकिन लेआउट, तकनीकी खामियों और पेड़ों की संख्या से जुड़े कुछ बिंदुओं पर आपत्ति दर्ज करते हुए इसे वापस भेज दिया गया।

अब PWD तैयार करेगा नया लेआउट

सरकार ने अब इस परियोजना की जिम्मेदारी राज्य संपत्ति विभाग से हटाकर PWD को सौंप दी है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार पूरे प्रोजेक्ट का Layout Plan नए सिरे से तैयार किया जा रहा है। इस बार विधानसभा और सचिवालय भवनों के साथ आवासीय परिसर (Residential Complex) को भी योजना में शामिल किया गया है।

संशोधित प्रस्ताव तैयार होने के बाद इसे वन विभाग को भेजा जाएगा, जहां स्थलीय निरीक्षण और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं के बाद मामला केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।

3000 पेड़ों की कटाई का अनुमान

इस Mega Infrastructure Project का सबसे संवेदनशील पहलू वन क्षेत्र में मौजूद पेड़ों का कटान है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार परियोजना के लिए साल, सागौन और अन्य प्रजातियों के करीब 3000 पेड़ों को हटाना पड़ सकता है।

पहले यह संख्या लगभग 2000 बताई गई थी, लेकिन समय के साथ क्षेत्र में वृक्षों की संख्या बढ़ने और कई पौधों के पूर्ण विकसित वृक्ष बनने के कारण यह आंकड़ा बढ़ गया है।

बढ़ सकता है परियोजना का बजट

सूत्रों के अनुसार, परियोजना की लागत भी पहले के अनुमान की तुलना में काफी बढ़ सकती है। अब तक राज्य सरकार इस योजना पर लगभग 24 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। नए डिजाइन, आवासीय सुविधाओं और निर्माण लागत में वृद्धि के चलते कुल बजट में बड़ा इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है।

प्रशासनिक ढांचे को मिलेगा नया स्वरूप

सरकार का मानना है कि नया विधानसभा भवन और सचिवालय राज्य की प्रशासनिक जरूरतों के अनुरूप आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। इससे शासन-प्रशासन की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ-साथ भविष्य की आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखा जा सकेगा। हालांकि पर्यावरणीय प्रभाव और बड़े पैमाने पर होने वाले Tree Cutting को लेकर आने वाले समय में बहस तेज होने की संभावना है।