Fondness for 80s-style photos could prove costly; cyber fraudsters have devised a new scam method; STF issues alert.
सोशल मीडिया पर इन दिनों 80 के दशक के पुराने अंदाज वाली तस्वीरें बनाने का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। लोग अपनी तस्वीरों को रेट्रो लुक देकर सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं, लेकिन साइबर अपराधियों ने अब इसी ट्रेंड को ठगी का नया जरिया बना लिया है। उत्तराखंड एसटीएफ की साइबर विंग ने लोगों को फर्जी फोटो जनरेट करने वाले लिंक से सावधान रहने की चेतावनी दी है।
फोटो बनाने के नाम पर भेज रहे फर्जी लिंक
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह के मुताबिक, साइबर ठग व्हाट्सऐप और सामान्य टेक्स्ट मैसेज के जरिए लोगों को 80 के दशक जैसी तस्वीर बनाने का ऑफर दे रहे हैं। मैसेज के साथ एक लिंक भेजा जाता है और लोगों को उस पर क्लिक कर फोटो तैयार करने के लिए कहा जाता है।
एसटीएफ के अनुसार, ऐसे लिंक पर क्लिक करना मोबाइल यूजर के लिए बड़ा जोखिम बन सकता है। लिंक के जरिए साइबर अपराधी मोबाइल की संवेदनशील जानकारी तक पहुंचने की कोशिश कर सकते हैं। इसके बाद बैंकिंग डिटेल समेत निजी जानकारी का दुरुपयोग कर आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा सकता है।
APK फाइल डाउनलोड कराकर फंसाने की कोशिश
एसटीएफ की साइबर विंग के मुताबिक, साइबर अपराधी फोटो बनाने वाले लिंक के जरिए APK फाइल भी डाउनलोड कराने की कोशिश कर रहे हैं। यह फाइल मोबाइल में इंस्टॉल होने के बाद सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।
यानी स्क्रीन पर भले ही 80 के दशक की तस्वीर नजर आए, लेकिन उसके पीछे साइबर अपराधियों का निशाना मोबाइल और बैंक खाते हो सकते हैं। एसटीएफ ने लोगों से अपील की है कि फोटो बनाने के नाम पर आने वाले किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और संदिग्ध APK फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल न करें।
सॉफ्टवेयर अपडेट के नाम पर युवक से 1.11 लाख की ठगी
देहरादून में साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है। शांति विहार फेज-3, अजबपुरकलां निवासी अनुज कोठियाल ने पुलिस को शिकायत दी कि 12 सितंबर को उनके मोबाइल पर सॉफ्टवेयर अपडेट करने का लिंक आया था।
अनुज ने जैसे ही लिंक खोला, उनके बैंक खाते से 1,11,055 रुपये निकल गए। पुलिस के मुताबिक, मामले में केस दर्ज कर जांच की जा रही है। जांच अधिकारी निरीक्षक देवेंद्र चौहान ने बताया कि घटना से जुड़े तथ्यों को खंगाला जा रहा है।
साइबर फ्रॉड हो तो तुरंत 1930 पर करें शिकायत
अगर किसी व्यक्ति के साथ साइबर फ्रॉड हो जाता है या उसे अपने बैंक खाते से जुड़ी किसी संदिग्ध गतिविधि का पता चलता है, तो बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करना चाहिए। इसके अलावा ऑनलाइन शिकायत cybercrime.gov.in पर भी दर्ज की जा सकती है।
जितनी जल्दी शिकायत की जाएगी, उतनी ही जल्दी रकम को ट्रेस या फ्रीज कराने की कोशिश की जा सकती है।
कैंसर पीड़ित को ऑटो में बेहोश कर लूटने का आरोप
देहरादून में लूट का एक अलग मामला भी सामने आया है। आरोप है कि ऑटो चालक ने अपने साथी के साथ मिलकर कानपुर से बेटी की फीस जमा करने आए एक कैंसर पीड़ित व्यक्ति को लूट लिया।
कानपुर के गोविंदनगर निवासी गीता गुप्ता ने पटेलनगर कोतवाली में शिकायत दी है। उनके मुताबिक, उनके पति सतीश गुप्ता कैंसर से पीड़ित हैं। तीन सितंबर की सुबह करीब 10 बजे वह बेटी की सेमेस्टर फीस जमा करने और कुछ सामान लेने के लिए निकले थे। उन्होंने रेलवे स्टेशन के बाहर से आईएसबीटी के लिए ऑटो लिया।
शिकायत के अनुसार, रास्ते में सतीश की तबीयत बिगड़ गई और उन्होंने ऑटो चालक से पानी मांगा। पानी पीने के बाद वह कथित तौर पर बेहोश हो गए। आरोप है कि इसके बाद ऑटो चालक और उसके बाइक सवार साथी ने उनके साथ लूटपाट की।
सोने की चेन, अंगूठियां और फीस के पैसे ले जाने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि बदमाश सतीश के पास मौजूद करीब चार तोले की सोने की चेन, तीन अंगूठियां, बेटी की फीस के पैसे, एटीएम कार्ड और जरूरी दस्तावेज लेकर फरार हो गए। इसके बाद उन्हें टर्नर रोड पर छोड़ दिया गया।
सूचना मिलने पर पुलिस ने सतीश को बरामद किया। अस्पताल में इलाज के बाद उन्हें होश आया। पुलिस को ऑटो और आरोपी के साथी की बाइक का नंबर मिलने की बात सामने आई है। पुलिस दोनों की तलाश कर रही है।