अंतरधार्मिक शादी के बाद विवाद, धर्म परिवर्तन के दबाव का आरोप; देहरादून में दंपती से मारपीट, VHP-बजरंग दल ने किया प्रदर्शन

उत्तराखंड के देहरादून जिले के सहसपुर क्षेत्र में अंतरधार्मिक विवाह के बाद विवाद का मामला सामने आया है। रामपुर चौई बस्ती निवासी कृष्ण कुमार और सादिया ने करीब तीन साल पहले शादी की थी। अब कृष्ण ने कुछ लोगों पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने, धमकी देने और मारपीट करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर एक बीडीसी सदस्य समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

शादी के बाद से धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का आरोप

सहसपुर कोतवाली पुलिस के अनुसार, कृष्ण कुमार ने शिकायत में बताया कि उसने करीब तीन साल पहले सादिया से शादी की थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही सादिया के परिवार के कुछ सदस्य और क्षेत्र के कुछ लोग उस पर धर्म परिवर्तन करने का दबाव बना रहे थे।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि सलमान, उस्मान, कुन्नू, इस्लाम और इस्लाम की पत्नी भूरी की ओर से उसे कथित तौर पर धमकाया जा रहा था। कृष्ण का कहना है कि धर्म परिवर्तन से इनकार करने पर उसे जान से मारने और इलाके में नहीं रहने देने की धमकी दी गई।

12 सितंबर की रात मारपीट का आरोप

कृष्ण ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि 12 सितंबर की रात उसके साथ मारपीट की गई। उसका यह भी दावा है कि उसकी पत्नी सादिया को कमरे से बाहर निकालने के बाद कमरे पर ताला लगा दिया गया।

शिकायतकर्ता ने क्षेत्र के एक बीडीसी सदस्य पर भी आरोपियों का साथ देने का आरोप लगाया है। दंपती ने पुलिस से अपनी जान-माल को खतरा बताते हुए सुरक्षा और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज

सहसपुर के कोतवाल मनोज नौटियाल के मुताबिक, शिकायत के आधार पर एक महिला समेत छह लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों के साथ-साथ घटना से जुड़े अन्य पहलुओं और उपलब्ध साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।

फिलहाल पुलिस जांच के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने, धमकी देने और मारपीट के आरोपों में कितनी सच्चाई है।

VHP और बजरंग दल ने थाने का किया घेराव

मामला सामने आने के बाद विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने भी सहसपुर थाने पहुंचकर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

विहिप जिलाध्यक्ष रमेश ढौंढ़ियाल और जिला संयोजक शेखर बंसल ने कहा कि किसी व्यक्ति पर उसकी इच्छा के खिलाफ धर्म परिवर्तन का दबाव बनाना गंभीर आरोप है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। संगठन ने शिकायतकर्ता को कथित रूप से डराने-धमकाने के आरोपों की भी जांच की मांग की।

कार्यकर्ताओं का कहना है कि पुलिस को मामले से जुड़े सभी पक्षों की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लानी चाहिए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।

पुलिस जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर

इस मामले में फिलहाल दोनों पक्षों से जुड़े सभी तथ्यों की पुलिस जांच कर रही है। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस घटनास्थल, शिकायत में नामजद लोगों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।