NEET Re-Exam 2026 Today: उत्तराखंड में 21 हजार से अधिक अभ्यर्थी देंगे पुनर्परीक्षा, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद

देशभर में आज आयोजित हो रही NEET UG Re-Exam 2026 को लेकर उत्तराखंड में व्यापक तैयारियां की गई हैं। राज्य के 10 जिलों में बनाए गए 53 परीक्षा केंद्रों पर 21 हजार से अधिक अभ्यर्थी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की पुनर्परीक्षा में शामिल होंगे। प्रशासन और पुलिस विभाग ने परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।

देहरादून में 16 परीक्षा केंद्र, 6800 अभ्यर्थी होंगे शामिल

राजधानी देहरादून में NEET Re-Test के लिए 16 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां करीब 6,800 छात्र परीक्षा देंगे। परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा और निगरानी के लिए विशेष व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। सरकार ने परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए “No Risk Strategy” अपनाई है।

CCTV और Live Monitoring के जरिए होगी निगरानी

National Testing Agency (NTA) की सीधी निगरानी में परीक्षा आयोजित की जाएगी। सभी परीक्षा केंद्रों को CCTV Cameras, Signal Jammers और Live Monitoring System से लैस किया गया है। परीक्षा कक्षों की गतिविधियों पर रियल टाइम नजर रखी जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोका जा सके।

देहरादून में धारा 163 लागू

परीक्षा के शांतिपूर्ण संचालन को सुनिश्चित करने के लिए देहरादून जिला प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है। इस संबंध में अपर जिला मजिस्ट्रेट कृष्ण कुमार मिश्रा द्वारा आदेश जारी किए गए हैं।

परीक्षा केंद्रों के आसपास क्या रहेगा प्रतिबंधित?

प्रशासन के आदेश के अनुसार परीक्षा केंद्रों के आसपास निम्न गतिविधियों पर रोक रहेगी:

पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध
धरना, प्रदर्शन, जुलूस और नारेबाजी पर रोक
लाउडस्पीकर, DJ और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर प्रतिबंध
हथियार, लाठी, डंडा, चाकू, तलवार या अन्य खतरनाक वस्तुओं के साथ प्रवेश निषिद्ध
किसी भी प्रकार का प्रचार-प्रसार या सार्वजनिक सभा आयोजित करने की अनुमति नहीं होगी

हालांकि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी और अधिकृत सरकारी कर्मचारी इन प्रतिबंधों से मुक्त रहेंगे।

नियम तोड़ने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा संचालन में बाधा पहुंचाने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा एजेंसियों को किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

निष्पक्ष परीक्षा कराने पर सरकार का फोकस

पिछली परीक्षा रद्द होने के बाद इस बार सरकार और प्रशासन किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहते। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि परीक्षा पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न कराई जाए ताकि अभ्यर्थियों का विश्वास बना रहे।