Monsoon Session 2026: PM Modi sends a message to the opposition ahead of the Parliament session; takes a dig at Rahul Gandhi, calling him a '56-year-old youth'.
संसद के Monsoon Session 2026 की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश और संसद को संबोधित करते हुए विपक्ष से सकारात्मक और सार्थक चर्चा की अपील की। इस दौरान उन्होंने भारत की हालिया वैज्ञानिक और तकनीकी उपलब्धियों का उल्लेख किया और युवाओं की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी परोक्ष तंज कसा।
’56 साल के नौजवान’ वाले बयान से सियासी चर्चा तेज
प्रधानमंत्री ने भारतीय Startup Ecosystem और अंतरिक्ष क्षेत्र में युवाओं की सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि हाल ही में अंतरिक्ष मिशन में सफलता हासिल करने वाली टीम की औसत आयु लगभग 28 वर्ष थी। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि वह “56 साल के नौजवान” की बात नहीं कर रहे हैं। प्रधानमंत्री का यह बयान कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर राजनीतिक कटाक्ष के रूप में देखा जा रहा है।
संसद में सार्थक बहस की अपील
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि Monsoon Session देशहित में रचनात्मक और उत्पादक होना चाहिए। उन्होंने सांसदों से आग्रह किया कि सदन में तथ्यों और तर्कों के आधार पर चर्चा हो तथा लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान किया जाए।
उन्होंने कहा कि जहां मजबूत तर्क और तथ्य होते हैं, वहां शोर-शराबे की आवश्यकता नहीं पड़ती। संसद देश के विकास और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गंभीर विमर्श का मंच बने, यही सभी की जिम्मेदारी है।
भारत की उपलब्धियों का किया उल्लेख
प्रधानमंत्री ने पिछले कुछ समय में देश की कई महत्वपूर्ण उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने Space Technology, Startup Innovation, Semiconductor Manufacturing और Green Hydrogen जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है।
उन्होंने कहा कि हाल ही में राजस्थान में एक Semiconductor Plant राष्ट्र को समर्पित किया गया और देश में Green Hydrogen Train की शुरुआत भी हुई, जो भारत की तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।
वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की आर्थिक प्रगति
प्रधानमंत्री ने वैश्विक स्तर पर जारी युद्ध और ऊर्जा संकट का जिक्र करते हुए कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद भारत ने मजबूत आर्थिक प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि कठिन अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बीच भी भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल रहा।
सांसदों से सहयोग की अपील
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने सभी सांसदों से अपील की कि वे अपने अनुभव और ज्ञान का उपयोग देशहित में करें तथा संसद की कार्यवाही को सकारात्मक और परिणामकारी बनाने में योगदान दें। उन्होंने विश्वास जताया कि सदन में हर पक्ष को अपनी बात रखने का सम्मानजनक अवसर मिलेगा और लोकतांत्रिक संवाद को मजबूती मिलेगी।