समझौते के बाद बदले मध्य पूर्व के समीकरण, ट्रंप और नेतन्याहू के बयान चर्चा में
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान ने भविष्य में कभी भी परमाणु हथियार विकसित नहीं करने पर सहमति जता दी है। यह बयान अमेरिका और ईरान के बीच हुए नए Memorandum of Understanding (MoU) के बाद सामने आया है, जिसे दोनों देशों के बीच संबंधों में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम माना जा रहा है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर जारी अपने संदेश में ट्रंप ने कहा कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगा और यही इस समझौते का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य है। उन्होंने उन रिपोर्टों को भी खारिज किया, जिनमें दावा किया गया था कि अमेरिका इस समझौते के तहत ईरान को 300 अरब डॉलर की आर्थिक सहायता देने जा रहा है। ट्रंप ने ऐसी खबरों को पूरी तरह भ्रामक बताया।
Nuclear Program पर रहेगा फोकस
अमेरिकी प्रशासन के अनुसार, यह समझौता भविष्य की वार्ताओं के लिए एक ढांचा तैयार करता है। इसके तहत ईरान के परमाणु कार्यक्रम की निगरानी, अंतरराष्ट्रीय निरीक्षण और सत्यापन प्रक्रिया को मजबूत किया जाएगा। साथ ही, प्रतिबंधों में संभावित राहत को ईरान के सहयोग और प्रतिबद्धताओं से जोड़ा गया है।
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी इस समझौते का समर्थन करते हुए कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप शुरू से ही इस बात पर स्पष्ट रहे हैं कि ईरान को कभी भी Nuclear Weapon हासिल नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने इसे अमेरिकी कूटनीति की बड़ी सफलता बताया।
Iran has agreed to never have a Nuclear Weapon! Also, the story that the U.S. is paying Iran 300 million Dollars is Fake News, put out by the Dumocrats!!! President DJT
( TS: Jun 15 2026, 7:17 PM ET )… pic.twitter.com/EctFxKcpPs
— Commentary Donald J. Trump Truth Social Posts On X (@TrumpTruthOnX) June 15, 2026