Madrasa rules are strict in Uttarakhand, online registration and inspection will be necessary.
उत्तराखंड सरकार ने राज्य में अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में “उत्तराखंड अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान मान्यता नियमावली 2026” को मंजूरी दे दी गई। नई Rules and Regulations के तहत अब मदरसों और अन्य Minority Educational Institutions को मान्यता और Renewal के लिए निर्धारित शुल्क देना होगा।
सरकार का कहना है कि नई नियमावली का उद्देश्य Minority Education System में पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर Monitoring सुनिश्चित करना है।
Online Portal के जरिए होगा Registration
नई नियमावली के अनुसार राज्य के सभी अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों को Recognition और Renewal के लिए Online Portal के माध्यम से आवेदन करना होगा।
इस नियम के दायरे में Muslim, Christian, Sikh, Buddhist, Jain और Parsi समुदायों से जुड़े Educational Institutions शामिल होंगे।
सरकार ने साफ किया है कि आवेदन के दौरान संस्थानों की Financial Status, Land Ownership, Staff Qualification और Minority Welfare से जुड़े पहलुओं की जांच की जाएगी।
मान्यता के लिए कौन-कौन से Documents होंगे जरूरी?
Recognition Process के दौरान संस्थानों को कई जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। इनमें शामिल हैं:
Registration Certificate
Management Committee की सूची
Land Ownership Documents
Bank Details
Staff Educational Qualification
Minority Character Declaration
Social Harmony संबंधी घोषणा
वहीं Renewal के लिए संस्थानों को Financial Statement, Bank Statement, Income Tax Return, Student Enrollment Data और Minority Students से जुड़ी जानकारी भी देनी होगी।
USAME करेगा निरीक्षण और जांच
नई नियमावली के तहत उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण (USAME) को आवेदन की समीक्षा और निरीक्षण का अधिकार दिया गया है।
जरूरत पड़ने पर संस्थानों का Physical Inspection भी किया जाएगा। यदि कोई संस्था तय मानकों को पूरा नहीं करती है तो उसका आवेदन कारण बताकर खारिज किया जा सकता है।
नियम तोड़ने पर रद्द हो सकती है मान्यता
सरकार ने नियमों के उल्लंघन और Funds Misuse को लेकर भी सख्त प्रावधान किए हैं।
यदि किसी संस्थान पर वित्तीय अनियमितता, नियमों की अनदेखी या फंड के गलत इस्तेमाल का आरोप साबित होता है, तो उसकी मान्यता रद्द की जा सकती है। हालांकि इससे पहले संस्थान को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा।
Minority Education Sector में बढ़ेगी निगरानी
विशेषज्ञों का मानना है कि Uttarakhand Minority Education Rules 2026 लागू होने के बाद राज्य में मदरसों और अन्य अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों की Monitoring मजबूत होगी। इससे Registration Process Digital और Transparent बनने की उम्मीद है।