भारत में एलपीजी संकट काबू में, अमेरिका से LPG cargo सुरक्षित पहुंचा

मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के चौथे सप्ताह में प्रवेश करने के बीच भारत के लिए राहत की खबर है। अमेरिका के टेक्सास से एलपीजी (LPG) लेकर निकला एक बड़ा कार्गो जहाज सफलतापूर्वक कर्नाटक के न्यू मंगलौर पोर्ट पर पहुंच गया। इसके साथ ही सरकार ने स्पष्ट किया कि खाड़ी क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय जहाज और नाविक सुरक्षित हैं।

एलपीजी संकट पर नियंत्रण

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि देश में एलपीजी संकट अब नियंत्रण में है। उन्होंने बताया कि उपभोक्ताओं के बीच मची panic booking में काफी गिरावट आई है। गुरुवार को केवल 55 लाख बुकिंग दर्ज की गई, जो संकट के शुरुआती दिनों की तुलना में काफी कम है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि देश में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और किसी भी वितरण केंद्र पर कमी नहीं है।

Hormuz Strait में तनाव के बीच सुरक्षित आपूर्ति

न्यू मंगलौर पोर्ट पर अमेरिका से आए इस जहाज का आगमन ऐसे समय में हुआ है जब रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण Hormuz जलडमरूमध्य में तनाव के कारण वैश्विक व्यापार मार्ग बाधित हैं। शिपिंग मंत्रालय ने इस दौरान ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 14 से 31 मार्च तक कच्चे तेल और LPG के लिए cargo charges माफ करने की भी घोषणा की।

शिपिंग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने एक अंतर-मंत्रालयीय ब्रीफिंग में कहा,

“पिछले 24 घंटों में किसी भी समुद्री अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। फारस की खाड़ी क्षेत्र में मौजूद हमारे सभी 22 जहाज और 611 भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं। हम लगातार उनकी स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। वर्तमान में किसी भी बंदरगाह पर जाम की स्थिति नहीं है।”

भारत की ऊर्जा आपूर्ति की रणनीति

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए लगातार जोखिम भरे समुद्री रास्तों के बावजूद सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित कर रहा है। बुधवार को भारतीय कच्चा तेल टैंकर गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर सुरक्षित पहुंचा। लगभग 92,712 मीट्रिक टन LPG लेकर ये दो भारतीय जहाज 16 और 17 मार्च को Hormuz Strait पार कर भारत आए थे।

Panic booking में गिरावट और उपभोक्ता राहत

सुजाता शर्मा ने कहा कि देश में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और distribution centers खाली नहीं हैं। उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। इससे domestic LPG supply में स्थिरता बनी है और panic booking के कारण पैदा हुई दिक्कतें काफी हद तक कम हुई हैं।