Kartik Purnima 2025: Devotees throng Haridwar, a wonderful sight on the banks of the Ganges
Kartik Purnima 2025: धर्मनगरी Haridwar में बुधवार को कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं ने Ganga Snan किया। साल के अंतिम स्नान पर्व पर Har Ki Pauri सहित सभी प्रमुख घाटों पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह 3:50 बजे से ही गंगा तटों पर “हर-हर गंगे” और “जय मां गंगे” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा।
हर की पैड़ी पर लाखों भक्तों ने लगाई आस्था की डुबकी
कार्तिक पूर्णिमा पर श्रद्धालु देशभर से हरिद्वार पहुंचे और मां गंगा के पवित्र जल में डुबकी लगाकर आत्मिक शांति और मोक्ष की कामना की। कहा जाता है कि इस दिन Ganga Snan करने से जीवन के सभी पाप नष्ट होते हैं और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
गंगा घाटों पर हजारों दीपों से जगमगाती धाराएं अद्भुत दृश्य प्रस्तुत कर रही थीं। श्रद्धालुओं ने Deepdaan कर परिवार के सुख-समृद्धि और भगवान विष्णु के आशीर्वाद की कामना की।
पौराणिक मान्यता और धार्मिक महत्व
Narayan Shila Mandir के मुख्य पुजारी पंडित मनोज त्रिपाठी के अनुसार, पौराणिक कथा में कहा गया है कि इसी दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर नामक दानव का वध किया था। तभी से देवताओं ने पवित्र नदियों में स्नान और दान का विधान प्रारंभ किया, जो आज तक परंपरा के रूप में जारी है।
सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद
भक्तों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए। पूरा mela area 11 जोन और 36 सेक्टर में बांटा गया, जहां police, SDRF, NDRF और Flood Rescue Teams को तैनात किया गया। Drone cameras और CCTV surveillance के जरिए हर गतिविधि पर कड़ी नज़र रखी जा रही है।
ट्रैफिक और व्यवस्था पर प्रशासन की सख्त निगरानी
हरिद्वार में आने वाले मार्गों पर traffic diversion लागू किया गया है ताकि श्रद्धालुओं को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े। प्रशासन के मुताबिक, शाम तक करीब 30 लाख से अधिक भक्तों के गंगा स्नान करने की संभावना है। National Highway पर जाम से बचने के लिए भी विशेष इंतज़ाम किए गए हैं।
देव दीपावली ने हर की पैड़ी को किया आलोकित
कार्तिक पूर्णिमा से एक रात पहले मंगलवार को हर की पैड़ी पर Dev Deepawali का भव्य आयोजन हुआ। लाखों दीपों से सजी गंगा की लहरें सुनहरी आभा बिखेर रही थीं। आतिशबाजी और प्रकाश से हरिद्वार का नजारा दिव्य हो उठा।
अब अगले प्रमुख स्नान पर्व Baisakhi और Makar Sankranti 2026 में होंगे, इसलिए श्रद्धालुओं ने कार्तिक पूर्णिमा के इस अवसर को जीवन का शुभ क्षण मानकर Ganga Snan for Moksha की कामना की।