Did a woman officer single-handedly turn the tables? Know the full story of Operation Sindoor
हाल ही में हुए Operation Sindoor में सीमा सुरक्षा बल (BSF) की सहायक कमांडेंट नेहा भंडारी ने नेतृत्व करते हुए पाकिस्तान की अग्रिम चौकियों पर जबरदस्त जवाबी कार्रवाई की। इस ऑपरेशन के दौरान उन्होंने ‘Zero Line’ पार करते हुए दुश्मन की तीन चौकियों को निशाना बनाया और उन्हें खामोश कर दिया।
इस अभूतपूर्व नेतृत्व के लिए सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने उन्हें एक प्रतिष्ठित commendation certificate प्रदान किया। यह सम्मान उन्हें जम्मू-कश्मीर के अखनूर सेक्टर में तैनाती के दौरान उनके साहसिक रोल के लिए मिला।
सीमा पर नेहा के साथ थीं महिलाएं भी: BSF Female Constables ने मोर्चा संभाला
इस ऑपरेशन में नेहा भंडारी अकेली नहीं थीं। उनके साथ 18 से अधिक महिला कांस्टेबल्स थीं, जिनमें से छह ने अग्रिम चौकियों पर हथियार थामे दुश्मन को जवाब दिया। Constables Swapna Rath, Shankari Das, Anita, Sumi, Milkeet Kaur और Manjeet Kaur जैसी जवानों ने भी firing positions से पाकिस्तान को करारा जवाब दिया।
कांस्टेबल शंकरी दास ने कहा,
“हमें सीनियर अफसरों ने पहले ही आगाह कर दिया था कि कभी भी गोलीबारी शुरू हो सकती है। जैसे ही फायरिंग हुई, हमने भी पलटवार किया।”
“यह मेरे लिए गर्व की बात है” – नेहा भंडारी
Neha Bhandari, उत्तराखंड के सैन्य परिवार से आती हैं। उनके दादा सेना में थे, पिता और मां CRPF में कार्यरत रहे हैं। उन्होंने बताया:
“मैं फोर्स की तीसरी पीढ़ी से हूं और जब ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मुझे सीमा पर अग्रिम चौकी की कमान दी गई, तो मेरे लिए यह गर्व का क्षण था।”
नेहा ने यह भी बताया कि अखनूर-पर्गवाल सेक्टर, जहां वह तैनात थीं, पाकिस्तान की सीमा से मात्र 150 मीटर की दूरी पर है। इतनी नजदीकी में रहकर border action करना जोखिम से भरा होता है, लेकिन उन्होंने और उनकी टीम ने पूरी बहादुरी से मोर्चा संभाला।
मोर्चे पर ही डटी रहीं महिला योद्धाएं
BSF के IG शशांक आनंद ने बताया कि महिलाओं को यह विकल्प दिया गया था कि वे मुख्यालय में रह सकती हैं, लेकिन उन्होंने इससे इनकार करते हुए फॉरवर्ड पोस्ट पर ही रहने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा:
“नेहा भंडारी और अन्य BSF Women Warriors ने जिस हिम्मत और संकल्प के साथ ऑपरेशन में हिस्सा लिया, वह हमारे लिए प्रेरणा है।”
Women in Combat: नया अध्याय
भारत की सीमा सुरक्षा बल में महिलाओं की अग्रिम भूमिका एक new era of women in combat की शुरुआत है। ऑपरेशन सिंदूर इस बात का प्रमाण है कि अब female officers and constables भी उतनी ही तैयारी और ताकत से देश की रक्षा कर रही हैं, जितना पुरुष सैनिक।