Uttarakhand Wedding Tourism: 25 new wedding destinations to be developed in the state, CM Dhami makes a big announcement.
उत्तराखंड सरकार राज्य में बीते तीन वर्षों में जारी सभी स्थानीय निवास प्रमाणपत्रों की व्यापक जांच कराने जा रही है। दिल्ली में सोमवार को पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह बड़ा फैसला लिया।
यह कदम हल्द्वानी में सामने आए उस मामले के बाद उठाया गया है जिसमें फर्जी दस्तावेजों के जरिए उत्तर प्रदेश के एक व्यक्ति का स्थायी निवासी प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया था।
फर्जी दस्तावेजों पर सीएम धामी की सख्ती
बैठक में लगभग चार घंटे तक चर्चा चली। सीएम धामी ने कहा कि
आधार,
राशन कार्ड,
स्थानीय निवास प्रमाणपत्र
जैसे दस्तावेज फर्जी कागजों के आधार पर बनाए जा रहे हैं, जो बेहद गंभीर मामला है।
उन्होंने सभी प्रमाणपत्रों की तत्काल जांच शुरू करने का आदेश दिया और कहा कि दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों या किसी भी व्यक्ति पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सीएम ने यह भी कहा कि फर्जी प्रमाणपत्रों के जरिए बाहरी लोगों को राज्य में बसाया जाना अस्वीकार्य है।
दिल्ली में आतंकी घटना के बाद राज्यों से आने वाले वाहनों की जांच तेज
दिल्ली में हाल की आतंकी घटना का जिक्र करते हुए CM धामी ने निर्देश दिया कि
दूसरे राज्यों से आने वाले वाहनों की सघन चेकिंग हो,
सीमावर्ती क्षेत्रों में संदिग्ध व्यक्तियों पर निगरानी बढ़ाई जाए,
राज्य भर में सत्यापन अभियान तेज किया जाए।
राजनाथ सिंह से एक दिन पहले हुई थी मुलाकात
इससे एक दिन पहले, रविवार को मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की थी।
मुलाकात में दो अहम मुद्दों पर चर्चा हुई—
एयरफोर्स की ऑडिट ब्रांच को देहरादून में ही बनाए रखने का अनुरोध
नंदा राजजात यात्रा रूट को सेना के हवाले न करने का आग्रह
आपदा, पर्यटन और स्वास्थ्य पर भी दिए महत्वपूर्ण आदेश
बैठक के दौरान सीएम धामी ने कई और प्रमुख निर्देश दिए—
आपदा प्रभावित क्षेत्रों में
पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए
ठंड से बचाव के ठोस इंतजाम हों
शीतकालीन यात्रा को देखते हुए
सड़कों, पेयजल और पार्किंग की सुविधाओं को मजबूत किया जाए
प्रमुख पर्यटन स्थलों पर बुनियादी ढांचा दुरुस्त किया जाए
नशा मुक्त अभियान
‘ड्रग्स फ्री उत्तराखंड’ अभियान को प्रभावी बनाने के लिए PHQ में अलग टीम गठित की जाए
स्वास्थ्य सेवाएं
महिला और बाल रोग विशेषज्ञों की 100% तैनाती सुनिश्चित की जाए
रिक्त पदों की सूची तुरंत प्रस्तुत की जाए
अस्पतालों में दवाओं और उपकरणों की उपलब्धता की सख्त निगरानी हो