Dhami Government 4 Years: चुनावी चुनौती के बीच सरकार ने तय की नई प्राथमिकताएं

Dhami Sarkar Four Years: उत्तराखंड में Pushkar Singh Dhami government ने अपने कार्यकाल के चार साल पूरे कर लिए हैं और अब सरकार पांचवें वर्ष में प्रवेश कर चुकी है। इस नए चरण में सरकार ने पांच बड़े लक्ष्यों पर फोकस तय किया है, जिन्हें भाजपा आगामी Uttarakhand Assembly Election 2027 से पहले बेहद अहम मान रही है। पार्टी के लिए सबसे बड़ी चुनौती सत्ता की hat-trick लगाने की है, और इसी वजह से सरकार अब उन मुद्दों पर ज्यादा जोर देती दिखाई दे रही है, जिनका सीधा संबंध आम जनता के जीवन और चुनावी भरोसे से है।

राज्य की राजनीति में यह चरण सिर्फ प्रशासनिक उपलब्धियों का नहीं, बल्कि public perception, voter connect और governance delivery का भी है। सरकार और संगठन, दोनों के सामने यह चुनौती है कि वे जनता को यह भरोसा दिलाएं कि 2022 में जिन वादों और प्राथमिकताओं के साथ वे सामने आए थे, उन पर अब भी उसी गंभीरता से काम जारी है। पांचवें साल में प्रवेश करते हुए सरकार रोजगार, औद्योगिक विकास, बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों को अपने core agenda के रूप में सामने रख रही है।

मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने भी साफ संकेत दिया है कि आने वाले समय में सरकार की प्राथमिकताएं जनहित से जुड़ी रहेंगी। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं और यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। उनके मुताबिक women empowerment, युवाओं का सशक्तिकरण, सैनिक परिवारों का सम्मान और गरीबों के कल्याण जैसे मुद्दे भाजपा की लगातार प्राथमिकता में रहे हैं और आगे भी रहेंगे। यह संदेश सीधे तौर पर उन सामाजिक समूहों तक पहुंचाने की कोशिश है, जिनका चुनावी असर राज्य में अहम माना जाता है।

सरकार की पहली बड़ी प्राथमिकता employment generation और सरकारी विभागों में रिक्त पदों को भरना है। दावा किया जा रहा है कि पिछले चार वर्षों में 30 हजार से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं। अब अगले चरण में विशेष अभियान चलाकर खाली पदों की पहचान और भर्ती प्रक्रिया को तेज करने की तैयारी है। चुनावी नजरिये से देखा जाए तो youth employment उत्तराखंड में बेहद संवेदनशील मुद्दा है, इसलिए सरकार इस मोर्चे पर ठोस प्रगति दिखाना चाहती है।

दूसरा बड़ा फोकस infrastructure development पर है। चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा और पर्यटन स्थलों पर बढ़ती आवाजाही को देखते हुए सरकार बुनियादी सुविधाओं का विस्तार जरूरी मान रही है। Rishikesh-Karnaprayag rail line, Delhi-Dehradun Expressway, parking facilities, आवासीय सुविधाएं और यात्री सेवाओं का विस्तार आने वाले समय में सरकार की प्राथमिकताओं में रहेगा। राज्य के लिए यह सिर्फ विकास का सवाल नहीं, बल्कि tourism economy और regional connectivity से जुड़ा बड़ा मुद्दा भी है।

तीसरा लक्ष्य development projects को तेज गति देना है। पिछले कुछ वर्षों में राज्य में कई नई परियोजनाएं शुरू हुई हैं और अब सरकार उन्हें जमीन पर तेजी से उतारने पर जोर दे रही है। Kedarnath और Mussoorie ropeway projects, पर्वतीय क्षेत्रों में agriculture-horticulture schemes, और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाले कदम इस एजेंडे का हिस्सा हैं। सरकार यह संदेश देना चाहती है कि विकास सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पहाड़ी इलाकों में भी उसका असर दिखेगा।

चौथा अहम लक्ष्य industrial development को नई रफ्तार देना है। Global Investors Summit के दौरान राज्य में हुए बड़े निवेश समझौतों को अब धरातल पर उतारना सरकार की प्राथमिकता बताई जा रही है। सरकार का कहना है कि लाखों करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों में से बड़ी राशि वाले projects पर काम शुरू हो चुका है। आने वाले समय में नए industrial parks, बेहतर निवेश माहौल और private sector participation के जरिए राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश होगी। यह कदम रोजगार और राजस्व, दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पांचवां और बेहद संवेदनशील क्षेत्र health sector expansion है। सरकार नए medical colleges, निर्माणाधीन स्वास्थ्य संस्थानों और डॉक्टरों की कमी दूर करने जैसे बिंदुओं पर काम तेज करना चाहती है। AIIMS Kichha, Pithoragarh Medical College और दूसरे health infrastructure projects को समय पर पूरा कराना प्राथमिकताओं में शामिल है। पहाड़ी राज्य होने की वजह से उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता लंबे समय से बड़ा सवाल रही है, इसलिए इस क्षेत्र में प्रगति राजनीतिक तौर पर भी अहम है।

कुल मिलाकर, धामी सरकार अपने पांचवें साल में सिर्फ उपलब्धियों का लेखा-जोखा पेश नहीं करना चाहती, बल्कि 2027 से पहले एक स्पष्ट governance roadmap भी दिखाना चाहती है। भाजपा के लिए उत्तराखंड में लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी आसान लक्ष्य नहीं है, इसलिए आने वाले महीनों में सरकार का पूरा जोर उन मुद्दों पर रहने वाला है, जो सीधे जनता के मन और मत दोनों को प्रभावित करते हैं। यही वजह है कि Dhami Sarkar 4 years, Uttarakhand development, employment push, infrastructure growth, और election strategy अब राज्य की राजनीति के केंद्र में आते दिख रहे हैं।