Badrinath Donation Theft Case: Accused Pramod Nautiyal confesses to the crime; silver coins and cash recovered from his home.
Badrinath Donation Theft Case की जांच में एक और बड़ा खुलासा सामने आया है। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के अनुसार, Badrinath-Kedarnath Temple Committee (BKTC) में वीआईपी मेहमानों के ठहरने और खानपान से जुड़े कई भुगतान संदेह के घेरे में हैं। आरोप है कि जिन अतिथियों का पूरा खर्च उन्होंने स्वयं या संबंधित टूर कंपनियों ने वहन किया था, उनके नाम पर भी फर्जी बिल तैयार कर भुगतान दर्शाया गया।
जांच समिति को मिले कई संदिग्ध भुगतान
सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2025 से जुड़े इस मामले की जांच कर रही समिति ने कई ऐसे मामलों की पहचान की है, जिनमें भुगतान रिकॉर्ड और वास्तविक खर्च में अंतर पाया गया। प्रारंभिक रिपोर्ट में पूरे प्रकरण की High-Level Investigation कराने की सिफारिश भी की गई है।
पूर्व अधिकारियों के फैसलों पर उठे सवाल
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि तत्कालीन सीईओ द्वारा एक अधिकारी को लाखों रुपये की अग्रिम राशि स्वीकृत की गई थी, जिसमें लंबित बिल भी शामिल थे। जांच समिति का मानना है कि लंबित भुगतान के बजाय अग्रिम राशि जारी करना वित्तीय नियमों के अनुरूप नहीं था। हालांकि संबंधित कर्मचारियों का कहना है कि उस समय समिति का बोर्ड गठित नहीं था और यात्रा सीजन के दबाव में निर्णय लिया गया था, जिसे बाद में बोर्ड बैठक में अनुमोदित कर दिया गया।
नेताओं ने खर्च लेने से किया इनकार
जांच के दौरान कुछ जनप्रतिनिधियों और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों के नाम भी भुगतान सूची में सामने आए। इनमें उनके ठहरने और भोजन पर खर्च दर्शाया गया था। संबंधित लोगों ने पहले ही स्पष्ट किया है कि उन्होंने समिति से किसी प्रकार की आर्थिक सहायता नहीं ली और यात्रा का पूरा खर्च स्वयं वहन किया था।
कंपनी ने भी खर्च खुद उठाने की पुष्टि की
जांच समिति ने एक ऐसे वीआईपी अतिथि से जुड़े भुगतान की भी जांच की, जिनके नाम पर हजारों रुपये का खर्च दर्ज था। संबंधित Aviation Company से जानकारी लेने पर कंपनी ने लिखित रूप से बताया कि अतिथि की यात्रा और ठहरने का पूरा खर्च उसने स्वयं वहन किया था। इससे जांच में दर्ज भुगतान पर और सवाल खड़े हो गए हैं।
कई आवासों के नाम पर लाखों रुपये के भुगतान दर्ज
प्रारंभिक जांच में विभिन्न धर्मशालाओं और अतिथि गृहों के नाम पर लाखों रुपये के भुगतान दर्ज होने की जानकारी मिली है। जांच समिति अब इन सभी बिलों, भुगतान रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों का मिलान कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि भुगतान वास्तविक थे या फर्जी बिलों के आधार पर किए गए।
जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
पूरे मामले में जांच अभी जारी है। समिति सभी वित्तीय दस्तावेजों, भुगतान रिकॉर्ड और संबंधित पक्षों के बयानों का परीक्षण कर रही है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।