Uttarakhand Congress Protest: Congress protests over petrol and sugar prices; here are the details.
Uttarakhand Congress Protest: पेट्रोल और चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। देहरादून में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने Ethanol Policy और महंगी चीनी के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आम लोगों पर बढ़ते Inflation Burden को लेकर सवाल उठाए।
एथेनॉल नीति को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन
एआईसीसी सदस्य और प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता देहरादून की ईसी रोड स्थित इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के बाहर एकत्र हुए। यहां उन्होंने Central Government की एथेनॉल नीति के खिलाफ विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने ‘वाह रे मोदी तेरा खेल, खा गया चीनी पी गया तेल’ जैसे नारे लगाकर सरकार की नीतियों पर निशाना साधा।
पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता सूर्यकांत धस्माना ने आरोप लगाया कि सरकार की Ethanol Blending Policy के तहत पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा बढ़ाई जा रही है। उनके मुताबिक, इसके चलते पेट्रोल वाहनों के इंजन को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं। कांग्रेस ने सरकार से इस नीति के प्रभाव और आम उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले असर को लेकर जवाब मांगा है।
चीनी की बढ़ती कीमतों का भी मुद्दा उठाया
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने Sugar Price Rise को लेकर भी केंद्र सरकार को घेरा। धस्माना ने आरोप लगाया कि गन्ने से एथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा दिए जाने का असर चीनी उत्पादन पर पड़ रहा है और इससे बाजार में चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। कांग्रेस का कहना है कि पेट्रोल की महंगाई के साथ रसोई में इस्तेमाल होने वाली चीनी महंगी होने से आम परिवार का बजट प्रभावित हो रहा है।
प्रदेशभर में आंदोलन की तैयारी
कांग्रेस ने संकेत दिया है कि यह प्रदर्शन केवल देहरादून तक सीमित नहीं रहेगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में Statewide Protest की तैयारी की जा रही है। पार्टी के मुताबिक, पेट्रोल की गुणवत्ता, एथेनॉल नीति और चीनी की बढ़ती कीमतों के मुद्दे को लेकर प्रदेश के अलग-अलग जिलों, ब्लॉक और न्याय पंचायत स्तर पर धरना-प्रदर्शन किए जाएंगे।
कांग्रेस का कहना है कि बढ़ती महंगाई और सरकार की नीतियों के कारण आम जनता पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। पार्टी ने इन मुद्दों को लेकर आने वाले दिनों में अपना विरोध और तेज करने के संकेत दिए हैं।