Meeting with political parties regarding SIR; update received on the draft electoral roll of 7.1 million voters.
Uttarakhand SIR 2026 Update: उत्तराखंड में चल रही Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया को लेकर शनिवार को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक हुई। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम के निर्देश पर अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे की अध्यक्षता में हुई बैठक में Voter List Revision, नोटिस और दावों-आपत्तियों की सुनवाई से जुड़ी जानकारी साझा की गई। बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से सुझाव भी लिए गए।
71 लाख मतदाताओं वाले Draft Roll पर चर्चा
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि Draft Electoral Roll में कुल करीब 71 लाख मतदाता शामिल हैं। इनमें से ऐसे 24 लाख मतदाता पाए गए हैं, जिनके रिकॉर्ड में Unmapped या Discrepancy की स्थिति सामने आई। इन मतदाताओं को प्रक्रिया के तहत नोटिस जारी किए गए हैं, ताकि उनके रिकॉर्ड और पात्रता से संबंधित स्थिति स्पष्ट की जा सके।
15 लाख से ज्यादा नोटिस पर Hearing पूरी
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे के मुताबिक, जारी किए गए 24 लाख से अधिक नोटिसों में से 15 लाख से ज्यादा मामलों की Hearing पूरी हो चुकी है। बाकी मामलों में सुनवाई और आवश्यक प्रक्रिया अभी जारी है। अधिकारियों के अनुसार SIR के तहत प्रत्येक मामले का निस्तारण निर्धारित नियमों और प्रक्रिया के अनुसार किया जा रहा है।
Political Parties को दी गई पूरी जानकारी
बैठक में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को SIR Process की प्रगति और आगे की कार्रवाई के बारे में जानकारी दी गई। अधिकारियों ने राजनीतिक दलों से प्राप्त सुझावों पर भी चर्चा की। निर्वाचन विभाग का कहना है कि पूरी प्रक्रिया को नियमों के अनुरूप और पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है।
निगरानी के लिए 9 वरिष्ठ अधिकारी तैनात
SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता और Monitoring System को मजबूत करने के लिए 9 वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को पर्यवेक्षण अधिकारी के तौर पर अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। ये अधिकारी संबंधित क्षेत्रों में नोटिस वितरण, सुनवाई और दावों-आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं।
बाकी मामलों में कार्रवाई जारी
निर्वाचन विभाग के मुताबिक जिन मामलों में अभी सुनवाई पूरी नहीं हुई है, उनमें निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने राजनीतिक दलों को भरोसा दिलाया कि Special Intensive Revision के दौरान नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा और मतदाता सूची से जुड़े मामलों का निस्तारण निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा।