From PAN to Form 60, a scam! Five years of fraud exposed at Kanpur Registry Office
Kanpur Registry Department Scam को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। कानपुर के Registry Office Zone-1 में शुक्रवार को Income Tax Department Survey के दौरान अचल संपत्ति रजिस्ट्रेशन से जुड़ी भारी गड़बड़ियां पकड़ी गईं। सिविल लाइंस स्थित रजिस्ट्री कार्यालय में करीब छह घंटे तक चली जांच में लगभग ₹2500 करोड़ की financial discrepancies के साक्ष्य मिले हैं, जिससे सरकार को अनुमानित ₹500 करोड़ का tax loss हुआ है।
आयकर विभाग ने फिलहाल संबंधित अधिकारियों को 10 दिन का समय दिया है, ताकि वे सभी जरूरी दस्तावेज और रिकॉर्ड प्रस्तुत कर सकें।
2020 से 2025 तक Property Registration की जांच
आयकर विभाग के निर्देश पर Assistant Director Vimlesh Rai के नेतृत्व में यह सर्वे किया गया। टीम में Income Tax Inspectors कुलदीप गुप्ता, बिनोद केशरी, राजेंद्र कुमार और अंकित श्रीवास्तव शामिल थे, जबकि सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल भी तैनात रहा।
इस दौरान Property Registration Data (2020–2025) की गहन जांच की गई। शुरुआती दो वर्षों में दर्ज रजिस्ट्रियों में सबसे ज्यादा अनियमितताएं पाई गईं।
IT Department और Registry Data में बड़ा Mismatch
जांच में सामने आया कि रजिस्ट्री विभाग द्वारा Income Tax Department को भेजा गया डेटा, वास्तविक Registration Records से मेल नहीं खा रहा था। आयकर सूत्रों के मुताबिक यह registry fraud पिछले करीब पांच वर्षों से चल रहा था।
विशेष रूप से 2020 से 2022 के बीच करोड़ों रुपये की संपत्तियों को agricultural land बताकर रजिस्ट्री की गई और संबंधित पक्षों को Form 60 benefit दे दिया गया, जिससे टैक्स देनदारी से बचा जा सके। कई दस्तावेजों की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना है।
PAN Number और Mobile Details में भी भारी लापरवाही
Income Tax Survey Kanpur के दौरान कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं।
कई रजिस्ट्रियों में गलत PAN Number दर्ज किए गए
कहीं भी मनमाने नंबर को PAN की तरह लिख दिया गया
कई मामलों में Mobile Number गलत या फर्जी पाए गए
यह साफ तौर पर systematic manipulation और data tampering की ओर इशारा करता है।
Aligarh Sub-Registrar Office में भी IT Survey
इसी क्रम में आयकर विभाग ने Aligarh Sub Registrar Office (Iglas) में भी सर्वे किया। यहां भी बैनामों से जुड़ी सूचनाओं में PAN mismatch पाया गया।
आयकर विभाग को भेजे गए रिकॉर्ड और वास्तविक दस्तावेजों में अंतर मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई। इससे पहले Sasni में भी इसी तरह का सर्वे किया जा चुका है।
अधिकारियों का मानना है कि यह मामला केवल कानपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि Property Registration Scam in UP का एक बड़ा नेटवर्क हो सकता है।