Corbett Tiger Reserve News: The tiger was finally caught after the woman's death.
Kotdwar Latest News से जुड़ी बड़ी राहत की खबर सामने आई है। Corbett Tiger Reserve (KTR) से सटे जयहरीखाल ब्लॉक के ग्राम पंचायत अमलेसा के तोक गांव डाल्यूंगाज और आसपास के सिरोबाड़ी गांवों में बीते कई दिनों से आतंक का पर्याय बना बाघ आखिरकार वन विभाग के शिकंजे में आ गया है। Forest Department Rescue Operation के तहत बाघ को ट्रैंकुलाइज कर पिंजरे में कैद कर लिया गया है।
Corbett Tiger Reserve की टीम ने किया सफल Rescue
वन विभाग के अनुसार, कॉर्बेट के पशु चिकित्सक Dr. Dushyant Kumar के नेतृत्व में SOG और Wildlife Rescue Team बीते दो दिनों से बाघ की लगातार tracking and monitoring कर रही थी।
KTR Plain Range Ranger Amol Ishtwal ने पुष्टि की कि रविवार तड़के करीब तीन बजे सिरोबाड़ी गांव के पास बाघ को tranquilize करने में सफलता मिली।
ट्रैंकुलाइजेशन के बाद बाघ को सुरक्षित रूप से पिंजरे में बंद कर Corbett Dhela Range ले जाया गया। बाघ के पकड़े जाने के बाद पूरे इलाके में फैले डर का माहौल काफी हद तक खत्म हुआ है और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
महिला को बनाया था निवाला, तभी से था खौफ
गौरतलब है कि पांच दिसंबर को ग्राम पंचायत अमलेसा के तोक गांव डाल्यूंगाज में चारा-पत्ती काट रही Urmila Devi (60) पर बाघ ने हमला कर उसकी जान ले ली थी। इस human-wildlife conflict की घटना के बाद से बाघ लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन में चुनौती बनी हुई थी।
Leopard Activity के बीच Tiger बना सबसे बड़ा खतरा
हालांकि इस क्षेत्र में leopard activity पहले से ही दर्ज की जाती रही है, लेकिन हाल के दिनों में बाघ की सक्रियता से लोगों में जबरदस्त दहशत थी।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों—सेंधी की प्रधान Nirmala Rawat, पूर्व प्रधान Bhagat Singh, और अमलेसा के प्रधान Gajendra Singh Pundir—का कहना है कि इलाके में एक से अधिक गुलदार और बाघ सक्रिय हो सकते हैं, ऐसे में wildlife surveillance और गश्त को और बढ़ाने की जरूरत है।
वन विभाग का कहना है कि क्षेत्र में आगे भी निगरानी जारी रहेगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।