Uttarakhand News: Tragic accident on Sitarganj-Khatima Highway; vehicles engulfed in flames.
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के गणाई गंगोली क्षेत्र के किलौटा गांव में जिस घर में कुछ घंटे पहले wedding celebration और शहनाई की गूंज थी, वहां अब मातम पसरा हुआ है। खुशियों से भरा यह विवाह समारोह पल भर में दर्द और सदमे में बदल गया। बरात से लौट रहे लोगों से भरा एक वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें दूल्हे की बड़ी बहन, छह साल का भांजा, छोटी बहन के पति और देवर समेत पांच लोगों की मौत हो गई। वहीं दूल्हे का छोटा भाई गंभीर रूप से घायल है और जीवन-मृत्यु से जूझ रहा है।
खुशियों भरा दिन, जो दर्दनाक रात में बदल गया
किटौला गांव के बबलू पंडा की शादी को लेकर परिजनों और रिश्तेदारों में कई दिनों से उत्साह था। गांव में तैयारियां चल रही थीं और दूर-दूर से मेहमान पहुंचे थे। ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक Chholiya Dance के साथ बरात दुल्हन को लेने लोहाघाट के बालातड़ी गांव पहुंची।
दूल्हा-दुल्हन ने सात फेरे लिए और देर रात बरात खुशी-खुशी वापस लौट रही थी। किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही दूरी पर एक दर्दनाक घटना उनका इंतजार कर रही है।
रात की खामोशी में गूंजा हादसा
बरातियों का वाहन घाट क्षेत्र के पास अनियंत्रित होकर हादसे का शिकार हो गया। इस road accident में दूल्हे की बड़ी बहन भावना चौबे, उनका छह साल का बेटा प्रियांशु, छोटी बहन के पति प्रकाश चंद्र उनियाल और उनके देवर केवल चंद्र उनियाल की मौके पर ही मौत हो गई। यह खबर गांव तक पहुंची तो घर में खुशियों की जगह चीख-पुकार गूंजने लगी।
जिंदगी-मौत से लड़ रहा छोटा भाई
दूल्हे का छोटा भाई भास्कर, जो शादी को लेकर सबसे ज्यादा उत्साहित था और छोलिया दल का नेतृत्व कर रहा था, इस हादसे में गंभीर रूप से घायल है। वह फिलहाल अस्पताल में जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहा है।
उसे अभी तक यह भी नहीं बताया गया है कि इस दुर्घटना में उसके कितने अपने हमेशा के लिए खो गए हैं।
भाग्य का सबसे दर्दनाक मोड़
भावना चौबे अपने पति, दोनों बेटों और परिजनों के साथ शादी में शामिल होने गई थीं। हादसे के वक्त बड़े बेटे प्रियांशु मां के पास बैठा था और मौत ने दोनों को अपनी चपेट में ले लिया। वहीं छोटा बेटा चेतन, जो पिता की गोद में बैठा था, चमत्कारिक तरीके से बच गया।
मासूम चेतन अभी तक यह नहीं समझ पाया है कि उसकी मां और भाई कभी वापस नहीं आएंगे।
पिता बच गए क्योंकि वे दूसरे वाहन में थे
भावना के पति सुरेश चौबे भी शादी का हिस्सा थे, लेकिन वापसी के दौरान वह गलती से या यूं कहें किस्मत से दूसरे वाहन में बैठ गए। वह हादसे की खबर सुनकर सदमे में हैं और खुद को संभाल नहीं पा रहे।
यह हादसा सिर्फ एक परिवार को नहीं, बल्कि पूरे गांव को हिला गया है। जहां कुछ घंटों पहले संगीत, हंसी और शहनाई थी, वहां अब सिर्फ रोना, खामोशी और टूटन है।