Stone pelting, lathi charge and a long list of injured – what is the truth behind campus violence?
बुधवार को जहां कैंपस में 216 नए छात्रों का स्वागत (Student Welcome Event) होना था, वहीं स्थिति अचानक हिंसक हो गई। कैंपस में करीब आधा किलोमीटर तक ईंट और पत्थर बिखरे नजर आए। बढ़ते विवाद के बीच Brocha Hostel के एक छात्र का सिर फट गया। घायल छात्र ने बताया कि वह गलती से पत्थरबाजी के बीच पहुंच गया और इसी दौरान सुरक्षा गार्डों ने भी उस पर लाठियां चलाईं।
हिंसा और अफरा-तफरी के माहौल में 50 छात्र, 40 सिक्योरिटी गार्ड और 10 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। कई गंभीर रूप से घायल छात्रों को Trauma Centre में भर्ती कराया गया है।
3 घंटे तक कैंपस में तनाव, PAC और पुलिस की तैनाती
हंगामे की खबर मिलते ही तीन थानों की पुलिस, 10 चौकियों के अधिकारी और 4 ट्रक PAC बल मौके पर पहुंचे। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस ने छात्रों को हॉस्टल के अंदर खदेड़ा।
करीब 3 घंटे तक Campus में High-Tension माहौल बना रहा। बताया गया कि 300 से ज्यादा छात्र और 200 के करीब सुरक्षा कर्मी आमने-सामने रहे और एक-दूसरे को उकसाने और खदेड़ने की घटनाएं चलती रहीं।
विवाद की जड़ क्या थी?
छात्रों के अनुसार, Raja Ram Hostel के पास एक वाहन ने एक छात्रा को टक्कर मारी, जिसके बाद शिकायत करने पहुंचे छात्रों की बहस सुरक्षा कर्मियों से हो गई।
वहीं Proctorial Board का दावा है कि विवाद की शुरुआत तब हुई जब मुंह ढके कुछ छात्र एक युवक को पीट रहे थे। सुरक्षा टीम के दखल देने पर छात्रों ने विरोध शुरू किया और देखते ही देखते मामला हिंसक रूप ले गया।
छात्रों ने कुलपति आवास पर किया प्रदर्शन
घटना के बाद घायल छात्रों के समर्थन में कई छात्र हॉस्टल से निकलकर Vice Chancellor Residence के बाहर धरना देने बैठ गए। धीरे-धीरे माहौल गरमाता गया और अचानक पत्थरबाजी शुरू हो गई।
उग्र छात्रों ने LD Guest House चौराहे पर गमले और सामान तोड़ दिया और कई छात्र एक-दूसरे का पीछा करते हुए भिड़ गए।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर शिव प्रकाश सिंह ने बताया:
“अभी तक किसी भी पक्ष ने औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है, लेकिन CCTV फुटेज और उपलब्ध साक्ष्य इकट्ठा किए जा रहे हैं।”