अब जंगल में मौत पर 10 लाख! धामी कैबिनेट का बड़ा कदम

उत्तराखंड सरकार ने Human-Wildlife Conflict Compensation Policy में बड़ा बदलाव करते हुए मुआवजा राशि बढ़ाने का फैसला किया है। बुधवार को मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह प्रस्ताव पास किया गया।

नई व्यवस्था के तहत अब वन्यजीव हमले में मौत होने पर परिवार को 10 लाख रुपये दिए जाएंगे। इससे पहले यह राशि 6 लाख रुपये थी। साथ ही, मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार वन्यजीवों के हमले में घायल होने पर इलाज का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी, चाहे इलाज सरकारी अस्पताल में हो या प्राइवेट हॉस्पिटल में।

क्यों लिया गया फैसला?

राज्य में पिछले कुछ वर्षों से leopard attacks, bear attacks, monkey menace और अन्य wildlife encounters के मामले लगातार बढ़े हैं। इस बढ़ते खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन और प्रमुख सचिव वन आरके सुधांशु को तत्काल सक्रिय कदम उठाने के निर्देश जारी किए थे।

सरकार का मानना है कि बढ़ा हुआ compensation और medical support प्रभावित परिवारों के लिए राहत का बड़ा कदम साबित होगा।

सरकार की प्राथमिकताएँ

मुख्यमंत्री धामी ने संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि:

घायल व्यक्ति को इलाज में किसी भी प्रकार की देरी न हो

मेडिकल सहायता समय पर और best quality के साथ उपलब्ध कराई जाए

प्रभावित क्षेत्रों में awareness programs, surveillance और preventive safety measures तेज किए जाएं

सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि मानव-वन्यजीव संघर्ष वाले क्षेत्रों में:

fencing,

monitoring systems,

वन्यजीव नियंत्रण तंत्र,

और wildlife rescue response teams

को और मजबूत किया जाएगा।

यह फैसला क्यों महत्वपूर्ण?

उत्तराखंड के पहाड़ी ग्रामीण इलाकों में मानव-वन्यजीव संघर्ष एक चुनौती बन चुका है। खासकर:

पिथौरागढ़

नैनीताल

चंपावत

पौड़ी

और अल्मोड़ा

जिलों में tiger, leopard और bear attack cases सबसे ज्यादा रिपोर्ट हुए हैं। ऐसे में मुआवजा बढ़ाने और इलाज सरकार द्वारा कराने की घोषणा स्थानीय लोगों के लिए बड़ी राहत है।