What will change in Uttarakhand after the Bihar elections? Is the countdown to cabinet expansion underway?
बिहार विधानसभा चुनाव संपन्न होते ही उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर Cabinet Expansion को लेकर चर्चाएं जोर पकड़ने लगी हैं। बीजेपी पहले ही संकेत दे चुकी थी कि Bihar Election Results के बाद उत्तराखंड में मंत्रिमंडल विस्तार लगभग तय है। अब जब बिहार में नई सरकार की ताजपोशी की तैयारियां पूरी रफ़्तार में चल रही हैं, उत्तराखंड में भी Political Activity अचानक बढ़ गई है।
NDA की बड़ी जीत के बाद उत्तराखंड में बढ़ी हलचल
राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि बिहार चुनाव में NDA को मिली प्रचंड जीत ने उत्तराखंड में भी cabinet reshuffle की संभावनाओं को मजबूत कर दिया है।
साल 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद से उत्तराखंड में मंत्रिमंडल के कई पद खाली हैं, लेकिन अब तक उनका विस्तार नहीं हो पाया। चार साल का कार्यकाल पूरा होने के बावजूद सरकार ने इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है।
क्यों हर बार बढ़ जाती है Cabinet Expansion की चर्चा?
उत्तराखंड में जैसे ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी दिल्ली जाते हैं या विधायक उनसे मुलाकात करते हैं, मंत्रिमंडल विस्तार की खबरें जोर पकड़ लेती हैं।
फिलहाल भी कुछ ऐसा ही माहौल है—CM से हो रही लगातार मुलाकातों ने इन अटकलों को नया ईंधन दे दिया है।
BJP प्रदेश अध्यक्ष का बड़ा संकेत: Bihar Elections के बाद विस्तार संभव
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट पहले ही साफ कर चुके हैं कि Uttarakhand Cabinet Expansion बिहार चुनाव के बाद हो सकता है।
अब जबकि बिहार में नेता चुन लिए गए हैं और नए मुख्यमंत्री 20 नवंबर को शपथ लेने वाले हैं, उत्तराखंड में भी नई राजनीतिक हलचल शुरू हो गई है। विधायकों का मुख्यमंत्री धामी से मिलना जारी है, जिससे संकेत मिल रहा है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मंत्रिमंडल विस्तार लगभग तय माना जा रहा है।
धामी मंत्रिमंडल में खाली हैं 5 सीटें
वर्तमान में धामी सरकार में कुल 5 कैबिनेट सीटें खाली हैं।
इसकी वजहें:
2022 में सरकार बनते समय ही 3 पद खाली थे
2023 में कैबिनेट मंत्री चंदन रामदास का निधन
16 मार्च 2025 को कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल का इस्तीफा
इन घटनाओं के चलते आज धामी कैबिनेट में कुल पाँच सीटें वेकेंट हैं।
BJP की दलील: काम बाधित नहीं, लेकिन विस्तार ज़रूरी
बीजेपी विधायक विनोद चमोली के मुताबिक: “जब पार्टी नेतृत्व उचित समझेगा तभी Cabinet Expansion होगा। खाली पदों का मतलब यह नहीं है कि सरकार काम नहीं कर पा रही। मौजूदा कैबिनेट ने कई बड़े निर्णय लिए हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि मंत्रिमंडल जितना बड़ा होगा, काम उतना बेहतर और तेज़ी से होगा।
कांग्रेस का हमला: मुख्यमंत्री जवाब दें कि विस्तार क्यों नहीं हुआ
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कई सवाल उठाए:
Cabinet Expansion अभी तक क्यों नहीं हुआ?
खाली पदों के कारण राज्य को कितना नुकसान हुआ?
क्या मंत्रिमंडल में खाली पद रखना “Political Strategy” है?
गोदियाल ने आरोप लगाया कि: “मुख्यमंत्री सभी विभाग अपने पास रखना चाहते हैं, ताकि उनकी पूरी मनमर्जी चल सके। यह भ्रष्टाचार को बढ़ावा देता है। BJP को पहले सफाई देनी चाहिए कि इतने पद वर्षों से खाली क्यों हैं।”
क्या अब सच में होने जा रहा है मंत्रिमंडल विस्तार?
बिहार में नई सरकार बनने के साथ ही यह माना जा रहा है कि उत्तराखंड में अब Cabinet Expansion जल्द हो सकता है।
सरकार पर बढ़ता विपक्ष का दबाव, विधायकों की सक्रियता और 2027 चुनाव की तैयारी—ये सभी संकेत बताते हैं कि अगले कुछ दिनों में कोई बड़ा राजनीतिक फैसला सामने आ सकता है।