How did the NDA achieve a record victory? 5 factors that turned the entire election around
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों से पहले ही राजनीतिक बयानबाज़ी अपने चरम पर पहुंच गई है। वोटों की गिनती शुरू होने से पहले RJD ने जीत का दमदार दावा किया है, वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पंडित जवाहरलाल नेहरू को याद करते हुए सोशल मीडिया पर उनके जन्मदिन पर श्रद्धांजलि दी है।
RJD नेता मनोज झा का बड़ा बयान: “Exit Poll नहीं, असली Poll बताता है सच्चाई”
आरजेडी सांसद मनोज झा ने सुबह-सुबह मीडिया से बातचीत में कहा कि सभी एग्ज़िट पोल्स पूंजी और बाज़ार की चाल हैं।
उनके शब्दों में—
“ये सब पूंजी का खेल है, बाजार का काम है और शहंशाह का खेल है। मैं किसी Exit Poll पर भरोसा नहीं करता। दोपहर तक सब साफ हो जाएगा।”
मनोज झा ने दावा किया कि बिहार बदलाव के लिए तैयार है और जनता इस बार तेजस्वी यादव के नेतृत्व में नई दिशा चुनेगी।
पप्पू यादव का NDA पर वार: “बदलाव तय है, BJP बिना झूठ के चुनाव नहीं जीतती”
जन अधिकार पार्टी के प्रमुख पप्पू यादव ने भी चुनाव में बड़े बदलाव की भविष्यवाणी की। उन्होंने कहा कि कैंपेन के दौरान उन्होंने जनता में NDA के खिलाफ गुस्सा देखा है।
उन्होंने BJP पर आरोप लगाते हुए कहा—
“BJP झूठ, money power और चुनावी manipulation के बिना जीत ही नहीं सकती। ये लोग नीतीश कुमार को भी कभी पूरा समर्थन नहीं देते।”
पप्पू यादव ने दावा किया कि इस बार महिलाएं और युवा बड़ी संख्या में महागठबंधन के साथ खड़े हुए हैं।
Counting से पहले नीतीश कुमार का Nehru को नमन, विपक्ष कर रहा सेहत पर सवाल
चुनावी नतीजों से ठीक पहले नीतीश कुमार ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती पर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने लिखा—
“भारत के प्रथम प्रधानमंत्री स्व. पंडित जवाहर लाल नेहरू जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन।”
हालाँकि चुनाव प्रचार के दौरान नीतीश कुमार की सेहत को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा था, लेकिन सीएम खुली जीप में बारिश के बीच लम्बे रोड शो करते दिखे, जिससे उनके स्वास्थ्य को लेकर फैली तमाम अटकलें शांत हो गईं।
दोपहर तक राजनीतिक तस्वीर साफ – Bihar Election Result 2025
ताज़ा माहौल को देखते हुए राजनीतिक गरमाहट चरम पर है। अब सभी की निगाहें दोपहर तक आने वाले शुरुआती नतीजों पर टिकी हैं जो यह तय करेंगे कि बिहार में
NDA की वापसी होगी या महागठबंधन लाएगा बदलाव?