Music, Food & Culture: लखनऊ में उत्तराखंड महोत्सव से सजी गोमती तट की शामें

Lucknow News – Uttarakhand Mahotsava 2025: गोमती नदी के किनारे इन दिनों उत्तराखंड की झलक बिखरी हुई है। पंडित गोविंद बल्लभ पंत पर्वतीय सांस्कृतिक उपवन में चल रहे Uttarakhand Mahotsava में संगीत, पारंपरिक व्यंजन, लोकनृत्य और हस्तनिर्मित उत्पादों की रौनक देखने को मिल रही है।
यह 10 दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव रविवार से शुरू हुआ है और 18 नवंबर तक प्रतिदिन सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक खुला रहेगा। यहां उत्तराखंड की पहाड़ियों से लाई गई सब्ज़ियां, फल, दालें, मिठाइयां, पारंपरिक परिधान, आभूषण और हैंडीक्राफ्ट उत्पाद आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

Cultural Vibes and Folk Performances

महोत्सव में पूरे दिन खरीददारों की भीड़ रही, वहीं शाम होते ही मंच पर Garhwali और Kumaoni folk music की धुनों से वातावरण जीवंत हो उठा। सोमवार को आयोजित कार्यक्रमों में Solo Singing Competition, Jhoda (Folk Dance) प्रतियोगिता, और Dance Uttarakhand Dance Season 4 के प्रदर्शन ने दर्शकों का मन मोह लिया।
‘Nachega Bharat’ जैसे मंचों ने इस आयोजन को और रंगीन बना दिया, जहां युवा कलाकारों ने उत्तराखंड की संस्कृति को अपने नृत्य और गायन से जीवंत किया।

Voices from the Crowd

त्योहार में पहुंचीं जोशीमठ के पास के गांव की रहने वाली शिखा बिष्ट (34) ने बताया –
“हर साल गर्मियों की छुट्टियों में हम उत्तराखंड जाते हैं, लेकिन सर्दियों से पहले यह महोत्सव हमें घर की याद दिला देता है। यहां से हम सर्दियों में काम आने वाले उत्पाद जैसे दालें, फल और पहाड़ी सब्जियां खरीद लेते हैं।”
गोमती के किनारों पर गूंजते पारंपरिक ढोल-दमाऊ की थाप और पहाड़ी गीतों की आवाज़ ने लखनऊवासियों को उत्तराखंड की वादियों का अनुभव करा दिया।