देवदूत बना पेड़: हादसे से पहले ही थम गई रफ्तार, खाई में गिरने से बुजुर्ग और दो मासूमों की बची जान

उत्तराखंड के लक्ष्मणझूला थाना क्षेत्र में बुधवार को एक बड़ा हादसा टल गया। जिस कार को पलभर में खाई में समा जाना था, उसे एक पेड़ ने “देवदूत” बनकर रोक लिया। इस हादसे में एक बुजुर्ग महिला और दो मासूम बच्चों की जान बाल-बाल बच गई।

ऐसे हुआ हादसा

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बुधवार दोपहर करीब तीन बजे उत्तर प्रदेश की एक टूरिस्ट कार दिल्ली के पर्यटकों को लेकर भूतनाथ मंदिर, स्वर्गाश्रम पहुंची थी। मंदिर पहुंचने के बाद पर्यटक दर्शन करने अंदर चले गए, जबकि कार में एक बुजुर्ग महिला और दो छोटे बच्चे (लगभग छह और आठ वर्ष के) बैठे रहे।
कार चालक ने वाहन को मंदिर गेट के पास ढलान पर खड़ा कर पार्किंग ब्रेक लगा दी और थोड़ा आगे टहलने चला गया। तभी अचानक वाहन ढलान की ओर लुढ़कने लगा। कार सीधे खाई की दिशा में बढ़ती चली गई, लेकिन कुछ मीटर आगे जाकर सड़क किनारे खड़े एक मजबूत पेड़ से टकरा गई और वहीं रुक गई।

बाल-बाल बची तीनों की जान

जैसे ही आसपास के लोगों ने यह दृश्य देखा, मौके पर अफरा-तफरी मच गई। लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद बुजुर्ग और दोनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। सभी बुरी तरह डरे हुए थे, लेकिन किसी को चोट नहीं आई।
जांच में पता चला कि कार में बैठे एक बच्चे ने गलती से गियर से छेड़छाड़ कर दी, जिससे वाहन आगे बढ़ गया था।

पुलिस और स्थानीय लोगों की तत्परता

घटना की जानकारी मिलते ही थाना लक्ष्मणझूला पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से वाहन को सुरक्षित बाहर निकाला गया। पुलिस ने बताया कि यह घटना एक बड़ी त्रासदी में बदल सकती थी, लेकिन पेड़ और लोगों की तत्परता ने तीन जिंदगियां बचा लीं।

“देवदूत बना पेड़”

स्थानीय लोग इस घटना को चमत्कार मान रहे हैं। उनका कहना है कि अगर वह पेड़ कुछ दूरी पर भी नहीं होता, तो वाहन सीधे गहरी खाई में जा गिरता। अब वही पेड़ इलाके में “देवदूत पेड़” के नाम से चर्चा में है।