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उत्तराखंड के गठन को 25 साल पूरे होने जा रहे हैं, और राज्यभर में Silver Jubilee Celebrations के तहत कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में कांग्रेस ने भी अपने Rajat Jayanti Pakhwada की शुरुआत करते हुए प्रदेश की health infrastructure पर गंभीर सवाल खड़े किए।
देहरादून में कांग्रेस नेताओं ने Doon Medical College Hospital का दौरा किया और वहां भर्ती मरीजों से उनकी treatment facilities को लेकर फीडबैक लिया। इस दौरान Congress State Vice President Suryakant Dhasmana ने अस्पताल में भर्ती करीब 160 मरीजों को फल वितरित किए और उनके इलाज की स्थिति की जानकारी ली।
“District Hospitals बने Referral Centers”: कांग्रेस का आरोप
मरीजों से बातचीत के बाद सूर्यकांत धस्माना ने बताया कि दून अस्पताल में भर्ती अधिकांश मरीज hill districts यानी पर्वतीय जिलों से आए थे। उनका कहना था कि जिलों के अस्पतालों में उचित इलाज नहीं मिलने पर उन्हें Dehradun रेफर कर दिया गया।
उन्होंने कहा, “राज्य निर्माण के 25 साल पूरे हो गए, लेकिन आज भी Uttarakhand Health System बदहाल है। हड्डी, सर्जरी, न्यूरो और हृदय रोग जैसी सामान्य सुविधाएं भी जिला अस्पतालों में उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए ये अस्पताल अब मात्र referral centers बनकर रह गए हैं।”
“जनता ठगी महसूस कर रही है” – धस्माना
कांग्रेस नेता ने कहा कि राज्य निर्माण के समय जनता ने सपना देखा था कि उन्हें अपने इलाके में ही इलाज मिल सकेगा और देहरादून या हल्द्वानी नहीं जाना पड़ेगा, लेकिन आज भी हालात जस के तस हैं।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “जब Health Minister’s home district Pauri में जिला अस्पताल में bus accident victims का इलाज टॉर्च और मोमबत्ती की रोशनी में हो, तो समझिए कि स्वास्थ्य व्यवस्था किस हालत में है।”
Congress ने सरकार से मांगा जवाब, ‘Operation Swasthya’ से जोड़ी पहल
कांग्रेस ने राज्य सरकार पर स्वास्थ्य सेवाओं की negligence का आरोप लगाते हुए कहा कि स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की जरूरत है। धस्माना ने कहा, “राज्य में कई जगहों पर Operation Swasthya Campaign चल रहा है, जो चौखुटिया से शुरू होकर विभिन्न जिलों में जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य सरकार को जगाना और जनता की आवाज़ पहुंचाना है।”
Uttarakhand Health Infrastructure Under Lens
राज्य बनने के बाद भी medical infrastructure in hill regions की स्थिति में खास सुधार नहीं हुआ है। पहाड़ के लोगों को छोटी-छोटी बीमारियों के इलाज के लिए देहरादून, ऋषिकेश या हल्द्वानी जैसे बड़े शहरों की ओर रुख करना पड़ता है। कांग्रेस ने कहा कि सरकार को इस दिशा में long-term healthcare policy बनानी चाहिए, जिससे पहाड़ी इलाकों के अस्पतालों में भी आधुनिक सुविधाएं मिल सकें।