Chaos erupts at the Luxor Sugarcane Committee meeting! Why did the meeting have to be cancelled midway?
उत्तराखंड कैबिनेट ने मंगलवार को राज्य की फ्रैग्रेंस रिवोल्यूशन पॉलिसी 2026-2036 को मंजूरी दी, जिसका उद्देश्य पूरे राज्य में सुगंधित फसलों (Aromatic Crops) की खेती को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस योजना का रोडमैप तैयार किया गया, जिसके पहले चरण में 22,750 हेक्टेयर भूमि पर सुगंधित फसलों की खेती का लक्ष्य रखा गया है। इससे लगभग 91,000 किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
सूचना निदेशक बंशीधर तिवारी ने कहा, “उत्तराखंड फ्रैग्रेंस रिवोल्यूशन पॉलिसी 2026-2036 के तहत पहले चरण में 22,750 हेक्टेयर भूमि पर सुगंधित फसलों की खेती के लिए 91,000 किसानों को लाभान्वित किया जाएगा।”
किसानों के लिए सब्सिडी का बड़ा लाभ
पॉलिसी के अनुसार, किसानों को एक हेक्टेयर तक की खेती पर 80% तक सब्सिडी मिलेगी। वहीं, एक हेक्टेयर से अधिक भूमि वाले किसानों के लिए 50% सब्सिडी प्रदान की जाएगी, ताकि अधिक किसानों को शामिल होने के लिए प्रेरित किया जा सके।
यह कदम राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ सस्टेनेबल खेती (Sustainable Farming Practices) को बढ़ावा देगा।
डिजिटल शिक्षा को मजबूत करने का फैसला
कैबिनेट ने पांच मुफ्त शैक्षिक टीवी चैनलों के लिए आठ नए पदों के निर्माण को भी मंजूरी दी। ये चैनल राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) के माध्यम से PM e-Vidya प्रोग्राम के तहत संचालित किए जा रहे हैं।
इस कदम का उद्देश्य डिजिटल शिक्षा के बेहतर संचालन और व्यापक पहुँच को सुनिश्चित करना है।
किफायती आवास परियोजना को वित्तीय मंजूरी
कैबिनेट ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1,872 किफायती घरों के निर्माण के लिए 27.85 करोड़ रुपये जारी करने का प्रस्ताव भी मंजूर किया। ये घर रुद्रपुर के बागवाला में जिला विकास प्राधिकरण द्वारा बनाए जा रहे हैं और इसका लक्ष्य कम आय वर्ग के लोगों को आवास सुविधा प्रदान करना है।
मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित सेब किसानों के लिए राहत की घोषणा की
पिछले सप्ताह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की कि राज्य सरकार आपदा-प्रभावित धाराली के सेब किसानों से फिक्स रेट पर सेब खरीदेगी।
रॉयल डिलिशियस (Royal Delicious) सेब की कीमत: 51 रुपये प्रति किग्रा
रेड डिलिशियस और अन्य किस्मों की कीमत: 45 रुपये प्रति किग्रा
मुख्यमंत्री कार्यालय के बयान के अनुसार, ग्रेड C सेब इस योजना में शामिल नहीं होंगे। धामी ने कृषि और किसान कल्याण विभाग को तुरंत क्रियान्वयन के निर्देश भी दिए हैं।
धाराली में बादल फटने से किसानों को भारी नुकसान
5 अगस्त को, धाराली और पड़ोसी हर्षिल में भारी बादल फटने (Cloudburst) और भूस्खलन (Mudslide) से पूरा गांव बह गया।
इस आपदा ने सेब के बागानों को भारी नुकसान पहुँचाया और किसानों की फसल को लगभग नष्ट कर दिया।
धाराली के सेब पूरे भारत में लोकप्रिय हैं और मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से आपदा प्रभावित किसानों को तुरंत राहत मिलने की उम्मीद है।
त्वरित कार्रवाई के आदेश
मुख्यमंत्री कार्यालय की आधिकारिक सर्कुलर में कृषि और किसान कल्याण सचिव को वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने के लिए निर्देशित किया गया।
सर्कुलर में बताया गया कि यह घोषणा आपदा प्रभावित सेब उत्पादकों के लिए बड़ी राहत साबित होगी।