West Bengal Elections 2026: Major action by the Election Commission
Dehradun: भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) ने उत्तराखंड के 11 Registered Political Parties की मान्यता रद्द कर दी है। आयोग ने यह कदम उन दलों के खिलाफ उठाया है, जो पिछले 6 वर्षों में लोकसभा या राज्य विधानसभा (Uttarakhand Assembly & Lok Sabha) Elections में भाग नहीं ले पाए।
यह कदम राज्य में राजनीतिक प्रक्रिया को transparent और active बनाने के लिए अहम माना जा रहा है।
डीलिस्ट किए गए राजनीतिक दल
चुनाव आयोग के ताजा आदेश में जिन 11 Registered Parties in Uttarakhand की मान्यता रद्द की गई है, उनमें शामिल हैं:
भारत कौमी दल (Bharat Qaumi Dal)
भारत परिवार पार्टी, हरिद्वार (Bharat Parivar Party, Haridwar)
भारतीय मूल निवासी समाज पार्टी, देहरादून (Bhartiya Moolnivaasi Samaj Party, Dehradun)
भारतीय सम्राट सुभाष सेना, हरिद्वार (Bhartiya Samrat Subhash Sena, Haridwar)
भारतीय अन्तोदय पार्टी, देहरादून (Bhartiya Antoday Party, Dehradun)
भारतीय ग्राम नगर विकास पार्टी, देहरादून (Bhartiya Gram Nagar Vikas Party, Dehradun)
गोरखा डेमोक्रेटिक फ्रंट, देहरादून (Gorkha Democratic Front, Dehradun)
पीपल्स पार्टी, हरिद्वार (Peoples Party, Haridwar)
प्रजातन्त्र पार्टी ऑफ इंडिया, नैनीताल (Prajantran Party of India, Nainital)
इससे पहले 6 अगस्त 2025 को उत्तराखंड के छह और Registered Political Parties को Election Commission की सूची से बाहर किया जा चुका था।
दो चरणों में कुल 17 Political Parties को डिलीस्ट किया जा चुका है।
क्यों किया गया डिलीस्टिंग?
Election Commission के अनुसार, इन दलों ने 2019 के बाद से किसी भी Lok Sabha या Uttarakhand Assembly चुनाव में हिस्सा नहीं लिया। ऐसे दलों की मान्यता रद्द करना आयोग की नियमावली के तहत जरूरी था। यह कदम राज्य में active political engagement और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता बढ़ाने के लिए उठाया गया है।
Expert View:
विशेषज्ञों का कहना है कि यह निर्णय उत्तराखंड की राजनीति को refreshed और transparent बनाने में मदद करेगा। साथ ही, यह सुनिश्चित करेगा कि केवल active और eligible political parties ही राज्य में चुनाव प्रक्रिया का हिस्सा बनें।