उत्तरकाशी की खीरगंगा कैसे बनी मौत की नदी? धराली बाजार में तबाही की आंखोंदेखी कहानी

उत्तरकाशी के धराली गांव में मंगलवार दोपहर करीब 1:50 बजे अचानक cloudburst के बाद Khir Ganga river में आई बाढ़ ने पूरे बाजार को तहस-नहस कर दिया। स्थानीय लोगों ने बताया कि ऊंचाई पर खड़े ग्रामीणों ने पानी के उफान को देखकर alert जारी किया, लेकिन तेज़ बहाव की वजह से कई लोग और होटल, होम स्टे कुछ ही मिनटों में मलबे के साथ बह गए।

धराली बाजार, जो प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन के लिए प्रसिद्ध था, एक पल में तबाही की तस्वीर बन गया। Flash flood की यह घटना इतनी तेज़ थी कि मौजूद लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। Hotels, homes and shops मलबे में दब गए और कई लोग लापता बताए जा रहे हैं।

इस आपदा के कारण Gangotri Highway का लगभग 100 मीटर हिस्सा मलबे में दब गया है, जिससे road connectivity पूरी तरह बाधित हो गई है। Traffic disruption के कारण pilgrims and tourists गंगोत्री यात्रा के लिए फंसे हुए हैं। भटवाड़ी से आने वाले यात्रियों को भी आगे बढ़ने में कठिनाई हो रही है।

क्षेत्र में लगातार बारिश और landslide के कारण राहत और बचाव कार्यों में बाधाएं आ रही हैं। प्रशासन की टीम लगातार सड़कों को खोलने का प्रयास कर रही है, लेकिन प्राकृतिक बाधाएं इसे चुनौती दे रही हैं।

यह घटना Uttarakhand cloudburst की उन दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं में से एक है, जिसने न केवल जान-माल का भारी नुकसान किया है, बल्कि पर्यावरणीय चुनौतियों को भी उजागर किया है। फिलहाल राहत कार्य जारी हैं और लापता लोगों की खोज जारी है।