Uttarkashi Disaster Explained: Why did such a massive destruction occur in Dharali?
उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर कहर बरपाया है। यमुनोत्री और गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग (Yamunotri and Gangotri National Highway) कई स्थानों पर मलबा और पत्थरों के गिरने से बंद हो गए हैं। यमुनोत्री हाईवे पर रानाचट्टी, स्यानाचट्टी और पाली गाड के पास मलबा आने के कारण यातायात बाधित है। वहीं, गंगोत्री हाईवे डबरानी के पास पत्थर और मलबे के कारण बंद पड़ा है। इन मार्गों को खोलने का कार्य जारी है।
प्रदेश में कुल 59 सड़कें बंद, भारी जनजीवन प्रभावित
बारिश के बाद मलबा आने से तवाघाट-घटियाबगड़-लिपुलेख राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कुल 59 सड़कें अवरुद्ध हैं, जिनमें 36 ग्रामीण मार्ग भी शामिल हैं।
पिथौरागढ़ जिले में मलघट के पास तवाघाट-घटियाबगड़-लिपुलेख राष्ट्रीय राजमार्ग मलबे की वजह से बंद।
धारचूला-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग (किलोमीटर 56.700) पर बड़े पत्थर गिरने से मार्ग बाधित।
जौलजीबी-मुनस्यारी मोटर मार्ग पर चार स्थानों पर बड़े पत्थर गिर गए।
थल-मुनस्यारी मार्ग (किलोमीटर 166.171) पर भी मलबा आया है।
पिथौरागढ़ जिले में कुल 19 सड़कें बंद हैं।
अन्य जिलों में बंद सड़कें:
देहरादून: 5
अल्मोड़ा: 1
बागेश्वर: 4
चमोली: 8
नैनीताल: 1
पौड़ी: 5
रुद्रप्रयाग: 4
टिहरी: 1
उत्तरकाशी: 11
मौसम विज्ञान केंद्र की चेतावनी और अलर्ट
उत्तराखंड में भारी बारिश का दौर लगातार जारी है। मौसम विज्ञान केंद्र ने नैनीताल, चम्पावत और बागेश्वर जिलों के कुछ हिस्सों में ऑरेंज अलर्ट (Orange Alert) जारी किया है, जो भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी देता है। अन्य जिलों में भी तेज बारिश की संभावना बनी हुई है।
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक रोहित थपलियाल ने बताया कि
“प्रदेश में 5 अगस्त तक तेज बारिश की संभावना है। खासकर पर्वतीय इलाकों में यह स्थिति और जटिल हो सकती है। इस दौरान आवश्यक न होने पर पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है।”
सावधानी और सुझाव
भारी बारिश के चलते पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन (Landslides) और मलबा आने का खतरा बना हुआ है।
यात्रा करने वाले लोग सतर्क रहें और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य और सड़क खोलने का काम जारी है।
नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है, आसपास के लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।