Fake ambassadors were made for Rs 50 lakh, a big racket exposed in STF investigation
गाजियाबाद फर्जी दूतावास रैकेट का सरगना हर्षवर्धन जैन अब एसटीएफ की रिमांड में बड़ा राज उगल चुका है। पूछताछ और बरामद दस्तावेजों से पता चला है कि हर्षवर्धन ने खुद को फेक देश का राजदूत (Fake Ambassador) घोषित कर, देशभर के करीब 22 लोगों से ‘डिप्लोमेटिक’ पद देने की डील की थी।
इस गोरखधंधे में Chandigarh, Bengaluru, Maharashtra, Delhi, Haryana और दक्षिण भारत के कई शहरों के लोग शामिल थे। हर्षवर्धन उनसे ₹50 लाख से ₹1.25 करोड़ तक की मोटी रकम वसूलता था। बदले में उन्हें Diplomatic Car Number Plates, लाल-नीली बत्ती और नकली दस्तावेज मुहैया कराता।
STF को मिले सबूत, कई VIP कारें भी शक के घेरे में
Special Task Force (STF) ने छापेमारी में कई ऐसे दस्तावेज बरामद किए हैं जिनमें डिप्लोमेटिक पहचान के लिए गाड़ियों पर लगी VIP Light और Diplomatic Number Plates की जानकारी शामिल है। STF की कार्रवाई के बाद इस रैकेट से जुड़े कई लोग अंडरग्राउंड हो गए हैं।
परिवार भी शक के घेरे में: ससुर, साला और सास पर कार्रवाई की तैयारी
हर्षवर्धन जैन की गिरफ्तारी के बाद अब उसके ससुर आनंद जैन, साला अतुल जैन और पत्नी व सास पर भी शिकंजा कसने की तैयारी है। आरोप है कि इन लोगों ने महत्वपूर्ण सबूत हटाने और छिपाने की कोशिश की।
STF की जांच में सामने आया कि गिरफ्तारी के बाद हर्षवर्धन के ससुराल पक्ष के लोग दिल्ली के Rohini इलाके में रातों-रात 8 से 10 बैगों को एक फ्लैट में पहुंचाकर वहां से एक किराये की दुकान में छिपा दिया था। लेकिन STF को भनक लगने पर Bhalsawa Dairy Market (Jahangirpuri) से बैगों को बरामद कर लिया गया।
हिरासत में ससुर और साला, जल्द होंगे आरोपी घोषित
गुरुवार तड़के STF ने Atul Jain और Anand Jain को हिरासत में लिया और शुक्रवार को घंटों पूछताछ की। अब कविनगर पुलिस इन दोनों को केस में आधिकारिक आरोपी बनाने की प्रक्रिया में जुट गई है। साथ ही हर्षवर्धन की पत्नी और सास को भी समन भेजा जाएगा।