Uttarakhand Medical Negligence: इलाज के इंतज़ार में गई मासूम की जान, CM Dhami ने दिए जांच के आदेश

उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में एक साल छह महीने के मासूम शुभांशु जोशी की मौत ने राज्य की Healthcare System की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है। Multiple Hospital Referrals, Ambulance Delay और lack of pediatric ICU जैसी लापरवाहियों के चलते यह मासूम जिंदगी की जंग हार गया।

इस पूरे मामले पर Chief Minister Pushkar Singh Dhami ने सख्त रुख अपनाते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा, “अगर किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी। जनविश्वास और जनजीवन से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

पांच अस्पतालों के चक्कर में खत्म हो गई एक जान

शुभांशु जोशी, जो कि चमोली जिले के दूरस्थ चिड़ांगा गांव का निवासी था, 10 जुलाई को अचानक बीमार हो गया। तेज़ उल्टी और severe dehydration के लक्षण दिखने पर उसे गांव के Primary Health Centre (PHC), ग्वालदम ले जाया गया।

ग्वालदम PHC में pediatrician मौजूद नहीं था, इसलिए उसे बागेश्वर के बैजनाथ स्थित Community Health Centre (CHC) रेफर कर दिया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद, हालत गंभीर होते देख उसे District Hospital, Bageshwar भेजा गया।

डॉ. कुमार आदित्य तिवारी, जो बागेश्वर जिला अस्पताल के Chief Medical Officer (CMO) हैं, ने बताया कि बच्चे को brain blood flow issue हो रहा था और अस्पताल में Pediatric ICU (PICU) की सुविधा नहीं होने के कारण उसे Higher Medical Centre रेफर किया गया।

इलाज की तलाश में Almora से Haldwani तक की दौड़

इसके बाद शुभांशु को 68 किलोमीटर दूर Almora Medical College Hospital ले जाया गया, जहां दो ICU यूनिट्स होने के बावजूद उसे Sushila Tiwari Government Hospital, Haldwani रेफर कर दिया गया। वहीं 16 जुलाई को उसकी मौत हो गई।

एक घंटे तक नहीं मिली Ambulance, मजबूर मां ने DM को किया कॉल

शुभांशु के पिता दिनेश चंद्र जोशी, जो कि Indian Army में जम्मू-कश्मीर में तैनात हैं, ने बताया कि उनकी पत्नी ने बच्चे को Almora ले जाने के लिए 7 बजे एम्बुलेंस बुलाई थी। लेकिन एक घंटे तक कोई व्यवस्था नहीं हो सकी।

“मैंने 108 पर कॉल किया, उन्होंने कहा 30 मिनट में एम्बुलेंस आएगी। जब एक घंटे बाद भी कोई नहीं आया, तब मैंने डीएम से मदद मांगी। डीएम के निर्देश पर रात 9:30 बजे एम्बुलेंस आई,” उन्होंने बताया।

शुभांशु की मां ने भी अस्पताल प्रशासन पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया। “मैंने डॉक्टरों से बार-बार मदद मांगी, लेकिन किसी ने गंभीरता से नहीं लिया। पति फौज में ड्यूटी पर थे, मैं अकेली थी,” उन्होंने कहा।

मुख्यमंत्री ने दिए High-Level Inquiry के आदेश

CM धामी ने इस पूरे मामले की high-level probe के निर्देश दिए हैं और कहा है कि स्वास्थ्य विभाग में accountability तय की जाएगी। उन्होंने कहा, “जनता के भरोसे से कोई समझौता नहीं होगा। जो भी दोषी होगा, उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।”