ऑपरेशन सिंदूर पर गरजे हरीश रावत: छाती ठोक कर बताएं कि क्या सच में सब कुछ हासिल हुआ?

राज्यसभा में Operation Sindoor और Pahalgam terror attack पर चर्चा के बीच पूर्व उत्तराखंड मुख्यमंत्री व कांग्रेस नेता हरीश रावत ने सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष खुफिया विफलताओं और रणनीतिक सवालों पर बात नहीं करेगा, तो विपक्ष का क्या मतलब रह जाएगा?

 इंटेलिजेंस फेलियर और देरी पर सवाल

हरीश रावत ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले में intelligence failure साफ दिखाई देता है। उन्होंने पूछा, “जब हमले के अगले ही दिन आतंकियों के स्केच जारी कर दिए गए थे, तो उन्हें मारने में महीनों क्यों लग गए? क्या हमारी आतंकवाद से निपटने की तैयारी अधूरी है?”

ऑपरेशन सिंदूर पर सबसे बड़ा सवाल: युद्धविराम क्यों?

रावत ने पूछा, “जब देश एकजुट था, सेना पीओके की ओर बढ़ने के लिए तैयार थी, तब अचानक war ceasefire क्यों किया गया? किसने पीएम मोदी को रोका? किसके दबाव में युद्धविराम हुआ?”

उन्होंने कहा कि अगर ऑपरेशन सिंदूर सफल था तो सरकार को छाती ठोक कर कहना चाहिए कि:

कोई सैन्य क्षति नहीं हुई, कोई जहाज नहीं गिरा, और सभी लक्ष्य पूरे हुए।

 सरकार के जवाब पर कांग्रेस का असंतोष

हरीश रावत ने रक्षा मंत्री के उस बयान पर भी सवाल उठाया जिसमें कहा गया कि ऑपरेशन सिंदूर के सभी उद्देश्य पूरे कर लिए गए हैं। उन्होंने पूछा, “अगर सब कुछ हासिल कर लिया तो फिर पीओके पर कोई कदम क्यों नहीं उठाया गया?”

प्रियंका गांधी के बयान को बताया तथ्यात्मक

हरीश रावत ने कहा कि प्रियंका गांधी ने संसद में तथ्य आधारित और संतुलित जवाब दिया है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अब जबकि संसद में बहस हो चुकी है, तो असली सवाल तो अब उठने शुरू होंगे।

 क्या है ऑपरेशन सिंदूर?

ऑपरेशन सिंदूर को भारतीय सेना का पीओके में आतंकी लॉन्चपैड पर जवाबी कार्रवाई के रूप में देखा गया था। सरकार ने इसे बड़ी सैन्य सफलता बताया, लेकिन इसकी सामरिक स्पष्टता और परिणाम को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है।