Uttarakhand News: Big gift to government employees before Diwali, preparations to increase bonus and DA
Dubai से जुड़े नेटवर्क के जरिए लोगों को करोड़पति बनाने का सपना दिखाकर ठगने वाले एक बड़े Fraud Racket का खुलासा हुआ है। ग्रेटर नोएडा के Ecotech-1 Police Station ने Noida STF और Bihar Police की मदद से एक ऐसे गिरोह के 8 सदस्यों को गिरफ्तार किया है जो खुद को Ex-Army Personnel बताते हैं और Fake MLM Company के नाम पर करोड़ों की ठगी कर चुके हैं। यह गैंग QNet/Vihan नाम की Multi-level Marketing Company के तहत लोगों को सोना, हीरा और luxury watches जैसी वस्तुएं खरीदने-बेचने का झांसा देता था।
Police Investigation में सामने आया है कि यह नेटवर्क दुबई से संचालित होता था और देश के कई राज्यों जैसे Delhi, Rajasthan, Meghalaya, Manipur और Gujarat तक फैला हुआ था।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम और ठिकाने:
पुलिस ने जिन 8 आरोपियों को पकड़ा है, उनमें विधान डागर, कौशिक डागर, गणेश बेरा, तापस धारा (West Bengal), सतीश शाव (Jharkhand), कल्पेश राजू (Gujarat), गुरविंदर सिंह और गुरदीप सिंह (Punjab) शामिल हैं। सभी आरोपियों के पास से 10 Laptops, 13 Mobile Phones, 30 ATM Cards, 9 Tablets, नकली Watches और एक कार जब्त की गई है। इसके अलावा एक ₹1 करोड़ का नकली चेक भी मिला है।
Ex-Army से Fraudster बनने तक का सफर:
पुलिस के अनुसार सभी आरोपी पहले खुद इस नेटवर्क का शिकार हुए थे और बाद में दूसरों को ठगने लगे। वे Indian Army और Police Personnel को प्राथमिकता से निशाना बनाते थे। कंपनी का बिजनेस मॉडल E-commerce और Network Marketing की तर्ज पर था, लेकिन न तो Commission दिया जाता था, न ही असली Products। यदि किसी को सामान भेजा भी गया, तो वह Fake Items होते थे।
दुबई से चलता था सारा खेल:
पकड़े गए ठग एक लिंक के जरिए लोगों को जोड़ते थे, जिससे राशि Bitcoin या Dollar में बदलकर दुबई भेजी जाती थी। Google Meet पर आयोजित होने वाली Online Meetings में लोगों से कम से कम ₹1.5 लाख निवेश करवाया जाता। लोगों को कहा जाता कि एक डायरी में हजारों बार लिखो – “मैं करोड़पति बनूंगा”, ताकि उनकी सोच सकारात्मक हो और वे झांसे में आ जाएं।
कहां से चल रहा था नेटवर्क?
गिरफ्तार आरोपी ग्रेटर नोएडा वेस्ट की Apex Golf Avenue और Aastha Green Societies के फ्लैट्स में रहकर अपना जाल बुन रहे थे। दो साल में इन्होंने 90 से ज्यादा Investors से ₹2 करोड़ से ज्यादा की ठगी की है।
प्रयागराज का केस बना सुराग:
उत्तर प्रदेश के Prayagraj के एक जवान के भाई ने FIR दर्ज कराई थी कि उनके रिश्तेदार Nikhil Kumar से 3.75 लाख रुपये की ठगी हुई है। आरोपी न केवल पैसे वापस नहीं कर रहे थे, बल्कि धमकियां भी दे रहे थे। इसी केस की जांच से पूरे गिरोह का पर्दाफाश हुआ।