When Jaishankar was interrupted, Shah became furious and said, "Don't you trust the country's foreign minister?"
Operation Sindoor पर सोमवार को Lok Sabha में जब चर्चा हो रही थी, तब Foreign Minister S. Jaishankar ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि भारत ने कभी भी किसी बाहरी ताकत की ceasefire mediation को स्वीकार नहीं किया और न ही किसी तरह की nuclear blackmailing के आगे झुका। जयशंकर ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान के साथ संघर्षविराम की चर्चा DGMO level communication के जरिए ही हुई थी, न कि किसी तीसरे देश की मध्यस्थता से। इसी दौरान जब विपक्ष ने बार-बार उनके वक्तव्य को बाधित किया, तो Home Minister Amit Shah ने तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि कांग्रेस पार्टी को अपने देश के विदेश मंत्री पर विश्वास नहीं लेकिन विदेशी नेताओं की बातों पर भरोसा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यही कारण है कि कांग्रेस आज विपक्ष में है और “अब 20 साल तक विपक्ष में ही बैठी रहेगी।”
शाह ने आगे कहा कि जब राष्ट्रीय सुरक्षा (National Security) और foreign policy की बात होती है, तब विपक्ष को स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए, लेकिन कांग्रेस अक्सर India’s enemies की भाषा बोलती नजर आती है। उन्होंने Donald Trump Ceasefire Claim पर भरोसा जताने को लेकर कांग्रेस को आड़े हाथ लिया। जयशंकर ने बताया कि 22 अप्रैल और 17 जून 2025 के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ट्रंप के बीच कोई डायरेक्ट बातचीत नहीं हुई थी, सिर्फ दो बार फोन कॉल्स हुए थे – एक after Pahalgam terror attack और दूसरा कनाडा दौरे के दौरान।
इसके अलावा जयशंकर ने ये भी जानकारी दी कि United Nations Security Council में पाकिस्तान की सदस्यता होने के बावजूद भारत ने 193 में से केवल 3 देशों को छोड़ सभी से support for Operation Sindoor प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि UN statement में भी पहलगाम हमले की कड़ी निंदा की गई थी, जिससे भारत की वैश्विक कूटनीति को मजबूती मिली।