Bihar Exit Poll 2025: Will the NDA government be formed again or will the Grand Alliance get a chance?
उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव (Panchayat Elections) के पहले चरण में मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, लेकिन इस बार खास बात यह रही कि बड़ी संख्या में प्रवासी मतदाता (Migrant Voters) अपने गांव लौटे और “मेरा गांव मेरा वोट” की भावना को साकार किया। दूसरे चरण का मतदान अब 28 जुलाई को होगा, लेकिन पहले चरण में प्रवासी मतदाताओं ने जिस उत्साह से भाग लिया, उसने चुनावी समीकरण बदल दिए हैं।
गाँव-गाँव में दिखा रुझान, वोट देने घर लौटे प्रवासी
पहले चरण के तहत नारायणबगड़, थराली और देवाल ब्लॉक में मतदान हुआ। खास बात यह रही कि उत्तराखंड के दुर्गम गांवों तक प्रवासी लोग पहुंचे। जैसे कि कोट गांव, जहां चमतोली गदेरे का उफान बाधा बन सकता था, लेकिन ग्रामीण युवाओं ने बुजुर्गों और महिलाओं को सुरक्षित पार कराकर polling booths तक पहुंचाया।
ग्राम प्रधान से लेकर जिला पंचायत तक असर
स्थानीय स्तर पर candidate और voter के बीच personal connection के कारण प्रवासी मतदाता भी अपने-अपने गांवों में पहुंचे। ये प्रवासी मुख्य रूप से दिल्ली, देहरादून, चंडीगढ़, नोएडा, गुड़गांव जैसे शहरों में नौकरी या व्यवसाय करते हैं। इनका समर्थन सिर्फ ग्राम प्रधान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह Block और Zila Panchayat तक चुनावी गणित को प्रभावित कर रहा है।
किस शहर से कितने वोटर पहुंचे?
रुद्रप्रयाग जिले के अगस्त्यमुनि, जखोली और ऊखीमठ ब्लॉक के 459 बूथों पर शांतिपूर्ण मतदान हुआ। 280 ग्राम प्रधान, 103 क्षेत्र पंचायत और 18 जिला पंचायत सदस्य चुने गए। इस दौरान प्रवासी वोटरों की बड़ी भागीदारी दिखी। दिल्ली, नोएडा, चंडीगढ़, जयपुर, ऋषिकेश और हरिद्वार जैसे शहरों से प्रवासी मतदाता अपने निजी वाहन या टेंपो ट्रैवलर से गांव पहुंचे।
ग्राम विकास के लिए वोट
चंडीगढ़ से आए 30 से ज्यादा प्रवासियों ने बताया कि उनका फोकस ग्राम प्रधान को चुनने पर रहा। उनका मानना है कि गांव में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और पीने के पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए सही नेतृत्व जरूरी है।
इन गांवों में दिखा खास उत्साह
प्रवासी मतदाताओं की भागीदारी खांकरा, लोली, बीरों, चिनग्वाड़, पाबौ, पीड़ा, बिलोटा, कोठगी, मदोला, गांधीनगर, शिवानंदी, रतूड़ा, कोट तल्ला, मल्ला, जसोली, खेड़ाखाल, गहड़खाल, नौना-दानकोट जैसे इलाकों में देखी गई।