कभी अक्षय-अजय के साथ किया काम, आज चौकीदार की नौकरी क्यों कर रहा ये एक्टर?

Mumbai film industry में एक समय ऐसा भी था जब एक अभिनेता ने Akshay Kumar, Ajay Devgn और Ajith Kumar जैसे सितारों के साथ काम किया। लेकिन वक्त ने ऐसी करवट ली कि आज वही एक्टर watchman job करने पर मजबूर हैं। ये कहानी है Savi Sidhu की, जो कभी critically acclaimed movies का हिस्सा थे, और आज financial struggle झेल रहे हैं।

 ग्लैमर की दुनिया से गुमनामी तक

एक समय था जब सावी सिद्धू ‘ब्लैक फ्राइडे’, ‘गुलाल’, और ‘पटियाला हाउस’ जैसी फिल्मों में नजर आते थे। उनका चेहरा intense acting roles के लिए पहचाना जाता था। लेकिन इंडस्ट्री में अस्थिरता और निजी जीवन की त्रासदियों ने उन्हें उस मुकाम से गिरा दिया जहां से वापसी आसान नहीं थी।

 फिल्मों से चौकीदारी तक का सफर

सावी सिद्धू आज मुंबई के मलाड इलाके में एक बिल्डिंग में security guard के रूप में काम कर रहे हैं। कुछ साल पहले Film Companion के एक वीडियो में उन्होंने बताया था कि कैसे उन्होंने अपने सपनों को जिंदा रखने के लिए चौकीदार की नौकरी चुनी।

“मेरी पत्नी, मां, पिता, सास-ससुर सभी मुझे छोड़कर चले गए। मैं अकेला रह गया,” उन्होंने भावुक होते हुए कहा।

 एक्टिंग करियर की शुरुआत

Debut: 1995 में फिल्म ‘ताकत’ से।

Breakthrough Role: अनुराग कश्यप की अनरिलीज़ फिल्म ‘पांच’ में लीड रोल मिला।

Notable Performances:

Black Friday (2007): Commissioner A.S. Samra

Gulaal (2009): दिलीप के बड़े भाई

Patiala House, D-Day, Nautanki Saala!, Maska

South फिल्म ‘Arrambam’ में भी किया काम।

 थिएटर से मुंबई तक की कहानी

लखनऊ में जन्मे सावी सिद्धू ने law studies छोड़कर थिएटर में कदम रखा और फिर modeling career की तलाश में मुंबई पहुंचे। लेकिन इंडस्ट्री में लगातार struggles, personal loss और काम की कमी ने उन्हें जीवन के उस मोड़ पर ला खड़ा किया जहां basic survival एक चुनौती बन गई।

 सपने आज भी जिंदा हैं

सावी ने कहा कि अब भी अगर कोई acting opportunity मिले तो वो तैयार हैं। लेकिन फिलहाल उन्हें अपने जीवन की daily needs पूरी करने के लिए काम करना जरूरी है।

“मैं नहीं जानता कि आखिरी बार मैं कब थिएटर में फिल्म देखने गया था,” उन्होंने कहा।

Savi Sidhu’s life एक कठोर याद है कि Bollywood की चकाचौंध के पीछे uncertainty, instability और solitude कितनी बड़ी कीमत हो सकती है। ये कहानी सिर्फ एक अभिनेता की नहीं, बल्कि हजारों ऐसे सपनों की है जो मायानगरी में आकार पाते हैं… और फिर कभी गुम हो जाते हैं।