उत्तराखंड पंचायत चुनाव 2025: 2.5 करोड़ से अधिक Ballot Paper छपे, चुनाव चिन्हों की संख्या जानिए

उत्तराखंड में आगामी Panchayat Election 2025 के लिए State Election Commission ने तैयारी तेज़ कर दी है। चुनाव के लिए दो करोड़ से अधिक Ballot Papers छपवाए जा चुके हैं। चुनाव में पार्टी या प्रत्याशी के नाम के बजाय चुनाव चिन्ह (Election Symbols) का उपयोग होता है, इसलिए Ballot Papers पर इन्हीं चिन्हों को छापा जाता है।

चुनाव आयोग की बड़ी तैयारी

पंचायत चुनाव से कई माह पहले से चुनाव आयोग ने तैयारी शुरू कर दी थी। हिमाचल प्रदेश से EVM Boxes (मतपेटियां) मंगाई गईं। अनुमानित 50 लाख मतदाताओं के मद्देनज़र लगभग दो करोड़ Ballot Papers की आवश्यकता होती है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से आयोग ने करीब ढाई करोड़ Ballot Papers छपवाए हैं।

पहली बार, हैदराबाद की सरकारी प्रिंटिंग प्रेस से भी करीब दो लाख Ballot Papers छपवाए गए हैं। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश के रामनगर व लखनऊ की सरकारी प्रेस और RBI प्रमाणित प्राइवेट प्रेस से भी Ballot Papers तैयार किए गए हैं।

Ballot Paper पर चुनाव चिन्ह आधारित वोटिंग प्रणाली

आयोग के सचिव Rahul Kumar Goyal ने बताया कि चुनाव चिन्ह आधारित Ballot Papers अलग-अलग समूहों (groups) में छपते हैं। जैसे, छह, नौ, 12 चिन्ह वाले Ballot Papers। चुनाव के दौरान प्रत्याशियों की संख्या के अनुसार Ballot Papers को संशोधित (modify) करके मतदान के लिए उपलब्ध कराया जाता है।

उदाहरण के तौर पर, यदि किसी क्षेत्र में पाँच प्रत्याशी हैं तो छह चिन्ह वाले Ballot Paper में से एक चिन्ह को हटाकर चुनाव कराया जाएगा।

144 Election Symbols का हुआ निर्धारण

राज्य निर्वाचन आयोग ने कुल 144 चुनाव चिन्ह निर्धारित किए हैं, जो त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए अलग-अलग पदों पर विभाजित हैं:

प्रधान पद के लिए 40 चिन्ह (जैसे फावड़ा, बाल्टी, ड्रम, टोकरी, अनानास, कैमरा)

जिला पंचायत सदस्य के लिए 40 चिन्ह (जैसे सीढ़ी, हथौड़ा, सैनिक, पेड़, सीटी, थर्मस)

क्षेत्र पंचायत सदस्य के लिए 36 चिन्ह (जैसे नारियल, महिला पर्स, लौकी, पानी का जहाज, गुडिया, टेबल लैंप, टॉर्च)

ग्राम पंचायत सदस्य के लिए 18 चिन्ह (जैसे तरबूज, सेब, घड़ा, शंख, चम्मल, डमरू, आम)