Parliament Monsoon Session 2025: आज से शुरू सत्र, Operation Sindoor और PM Modi पर घमासान तय!

 Parliament Monsoon Session 2025: संसद का मानसून सत्र 2025 आज (21 जुलाई) से शुरू हो गया है और यह 32 दिनों तक चलेगा, जिसमें कुल 21 बैठकें निर्धारित की गई हैं। इस बार सत्र की शुरुआत से ही हंगामेदार माहौल बनने की पूरी संभावना है क्योंकि विपक्ष ने Operation Sindoor, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के दावे और अन्य संवेदनशील मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति तैयार कर ली है।

 विपक्ष ने मांगा Operation Sindoor पर PM Modi का जवाब

सत्र से पहले रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से Operation Sindoor और ट्रंप के बयानों पर संसद में बयान देने की मांग की। विपक्ष का कहना है कि देश की सुरक्षा और विदेश नीति जैसे अहम मुद्दों पर प्रधानमंत्री की चुप्पी स्वीकार्य नहीं है।

हालांकि, सरकार की ओर से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की अध्यक्षता में हुई बैठक में Parliamentary Affairs Minister Kiren Rijiju ने कहा कि, “प्रधानमंत्री विदेश यात्राओं को छोड़कर अधिकतर समय संसद में मौजूद रहते हैं, लेकिन हर बहस में उनका व्यक्तिगत रूप से जवाब देना संभव नहीं।”

 Rajnath Singh देंगे Operation Sindoor पर सरकार का पक्ष

विपक्ष के मांगों के जवाब में यह तय हुआ है कि रक्षा मंत्री Rajnath Singh सदन में Operation Sindoor पर सरकार का आधिकारिक बयान देंगे। वहीं, राज्यसभा में विपक्ष को इस विषय पर सवाल पूछने की अनुमति दी गई है। इससे संसद में गहन बहस की पूरी संभावना बन गई है।

 Monsoon Session में पेश होंगे 8 नए और 9 लंबित विधेयक

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इस सत्र में 8 नए और 9 लंबित बिल पेश किए जाएंगे। संसदीय कार्यमंत्री रिजिजू ने बताया कि सत्र के सुचारु संचालन के लिए सरकार ने विपक्ष से सहयोग की अपील की है और आशा जताई कि सत्र पूरी तरह से प्रोडक्टिव और राष्ट्रहित में उपयोगी होगा।

 सर्वदलीय बैठक में 54 नेताओं ने लिया हिस्सा

इस महत्वपूर्ण सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस नेता Jairam Ramesh, केंद्रीय मंत्री JP Nadda, Kiren Rijiju और अन्य दलों के कुल 54 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य सत्र की रणनीति और संभावित टकराव वाले मुद्दों पर संवाद बनाना था।

 छोटे दलों को भी मिलेगा बोलने का पर्याप्त समय

कम सांसदों वाले दलों द्वारा उठाई गई मांग — “हमें भी मिले पर्याप्त समय” — पर भी सरकार सकारात्मक रुख में नजर आई। रिजिजू ने कहा, “हम कोशिश करेंगे कि सभी को अपनी बात रखने का भरपूर अवसर मिले।”

Monsoon Session 2025 के पहले दिन से ही यह स्पष्ट हो गया है कि सत्र सिर्फ विधायी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें राजनीतिक घमासान, राष्ट्रीय सुरक्षा पर सवाल, और प्रधानमंत्री की जवाबदेही जैसे बड़े मुद्दे छाए रहेंगे।

क्या इस बार संसद में देश को संतोषजनक जवाब मिल पाएगा या फिर सत्र सिर्फ शोरगुल में सिमट जाएगा? नजरें टिकी हैं।