Big explosion before Bihar Election: Rahul-Tejaswi blocked the roads, war broke out over voters!
Bihar Assembly Election 2025 से पहले Voter List Revision को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस नेता Rahul Gandhi और राजद नेता Tejashwi Yadav ने बुधवार को पटना में Election Commission of India (ECI) के खिलाफ एक ज़ोरदार विरोध रैली का नेतृत्व किया। इस रैली का मकसद Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया के खिलाफ जनता की आवाज़ उठाना था, जिसे विपक्ष ने “जनविरोधी और पक्षपाती” करार दिया है।
मुद्दों में समझिए पूरा विवाद (10-Point Cheatsheet)
महागठबंधन ने निकाली रैली: कांग्रेस, RJD और वाम दलों के गठबंधन ने पटना के Income Tax गोलंबर से ECI ऑफिस तक मार्च किया।
राहुल गांधी का 7वां बिहार दौरा: बीते पांच महीनों में राहुल का यह सातवां बिहार दौरा है, जिससे कांग्रेस की चुनावी गंभीरता झलकती है।
राजद और वामपंथी दलों की भागीदारी: तेजस्वी यादव ने मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया को “वोट रोकने की साजिश” बताया।
बिहार कांग्रेस अध्यक्ष का बयान: Rajesh Ram ने कहा कि SIR प्रक्रिया गरीबों, प्रवासियों और वंचितों के Voting Rights पर सीधा हमला है।
गोपाल खेमका मर्डर केस पर भी राजनीति: राहुल गांधी पटना के गांधी मैदान के पास मारे गए व्यवसायी Gopal Khemka के परिजनों से मिल सकते हैं।
SIR प्रक्रिया का विवरण: 24 जून से शुरू हुई इस प्रक्रिया में मतदाताओं को Form Submission और 11 Documents में से एक पहचान पत्र देना अनिवार्य है।
विपक्ष का आरोप: विपक्ष का कहना है कि इस प्रक्रिया से Dalit, Mahadalit, Migrant Workers और Poor Voters को Voting से वंचित किया जा सकता है।
BJP का पलटवार: भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad ने कहा कि विपक्ष का यह आंदोलन शांति भंग करने वाला है। उन्होंने कहा कि “चुनाव में सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा।”
सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएँ दाखिल: RJD सांसद Manoj Jha, ADR, Yogendra Yadav, Mahua Moitra और Mujahid Alam ने SIR प्रक्रिया को चुनौती दी है। सुनवाई 10 जुलाई को होनी है।
राजनीति बनाम प्रक्रिया: भाजपा का आरोप है कि विपक्ष Voter List Verification को Politicize कर रहा है जबकि यह प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी है