Inactive Political Parties पर कार्रवाई शुरू: उत्तराखंड में 6 दलों को 15 दिन का अल्टीमेटम

Election Commission of India के आदेश पर उत्तराखंड राज्य चुनाव आयोग ने 6 Registered Unrecognized Political Parties (RUPP) को Show Cause Notice जारी किया है। ये सभी दल वर्ष 2019 के बाद से किसी भी चुनावी प्रक्रिया में शामिल नहीं हुए, न ही इनका कोई सक्रिय कार्यालय राज्य में मौजूद है।

क्या है मामला?

राज्य चुनाव आयोग के अनुसार, उत्तराखंड में कुल 42 पंजीकृत अमान्यता प्राप्त राजनीतिक दल हैं।
इनमें से कई ऐसे दल हैं जो लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 29ए के तहत निर्धारित न्यूनतम शर्तें पूरी नहीं कर रहे हैं।

इन दलों में गत छह वर्षों से न तो चुनाव में कोई भागीदारी हुई है, और न ही कोई ऑफिशियल कम्युनिकेशन अथवा संगठनात्मक गतिविधि देखी गई।

किन दलों को मिला है नोटिस?

राज्य निर्वाचन आयोग ने जिन 6 दलों को निष्क्रियता के आधार पर नोटिस भेजा है, वे हैं:

भारतीय जनक्रांति पार्टी – 12/17 चक्खुवाला, देहरादून

हमारी जनमंच पार्टी – 1/12 न्यू चक्खुवाला, देहरादून

मैदानी क्रांति दल – मस्जिद वाली गली, माजरा, देहरादून

प्रजा मंडल पार्टी – बर्थवाल निवास, श्रीनगर, पौड़ी गढ़वाल

राष्ट्रीय ग्राम विकास पार्टी – 62, सिविल लाइन, रुड़की, हरिद्वार

राष्ट्रीय जन सहाय दल – 112, न्यू कनॉट प्लेस, देहरादून

इन दलों को 21 जुलाई शाम 5 बजे तक अपना पक्ष स्पष्ट करना होगा, अन्यथा डीलिस्टिंग की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।

क्या होता है RUPP का डीलिस्टिंग?

Registered Unrecognized Political Parties (RUPP) वे दल होते हैं जो चुनाव आयोग के साथ पंजीकृत तो होते हैं लेकिन किसी राज्य या राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त नहीं होते।
अगर ये दल लगातार निष्क्रिय रहते हैं, तो Election Commission इन्हें सूची से हटा सकता है, जिससे ये भविष्य में चुनाव लड़ने या चुनाव चिन्ह मांगने के योग्य नहीं रह जाते।

क्यों हो रही है यह कार्रवाई?

भारत निर्वाचन आयोग ने यह अभियान राजनीतिक व्यवस्था के शुद्धिकरण और चुनावी पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया है।
ऐसे दल जो सिर्फ नाम के लिए रजिस्टर्ड हैं लेकिन कोई सार्वजनिक भागीदारी या राजनीतिक योगदान नहीं देते, उनके खिलाफ अब सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।