Uttarakhand Election 2025: Voting for district panchayat and block pramukh continues today
उत्तराखंड में होने वाले Panchayat Elections को लेकर राज्यभर के स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
Teacher Union और विभिन्न शिक्षक संगठन इस बात से नाराज़ हैं कि शिक्षकों को बिना उचित चयन के Election Duty पर भेजा जा रहा है, जिससे स्कूलों में Teaching और Mid Day Meal Programs बुरी तरह बाधित हो गए हैं।
Teacher Protest in Uttarakhand: क्यों भड़का आंदोलन?
Primary Teachers Association के जिलाध्यक्ष धर्मेन्द्र रावत ने बताया कि सोमवार को हुई चुनाव ट्रेनिंग (Election Training) के कारण ज़्यादातर स्कूलों में सभी शिक्षक गैरहाजिर रहे।
“जिन स्कूलों में सिर्फ एक या दो ही शिक्षक हैं, उन्हें भी चुनाव में ड्यूटी पर लगा दिया गया है। इससे बच्चों की पढ़ाई और Mid Day Meal दोनों बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।”
संगठन की मांग है कि Teacher Husband-Wife, Single Teachers, Disabled Teachers और गंभीर बीमारियों से पीड़ित शिक्षकों को Election Duty से मुक्त किया जाए।
School बंद, पढ़ाई ठप, Mid Day Meal भी प्रभावित
कई स्कूलों को Polling Booth बना दिया गया है
Training, Voting और Counting Days में इन स्कूलों को बंद रखना पड़ेगा
इसका सीधा असर Baal Vikas, शैक्षणिक परिणामों और Nutrition Programs पर पड़ेगा
शिक्षक संगठनों का कहना है कि Election Commission Guidelines में पहले से ही कुछ श्रेणी के शिक्षकों को Duty से छूट देने की बात है, लेकिन हर बार इन नियमों की अनदेखी की जाती है।
Teachers बोले: पढ़ाई और प्रशासन एक साथ नहीं चल सकते
शिक्षकों का कहना है कि उन्हें Election Duty के दौरान न तो adequate training मिलती है, न कोई उचित backup arrangement स्कूलों में किया जाता है।
ऐसे में बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह से रुक जाती है और Academic Calendar गड़बड़ा जाता है।
कांग्रेस ने भी उठाया सवाल, संशोधित आदेश लागू करने की मांग
प्रदेश कांग्रेस ने राज्य सरकार और चुनाव आयोग पर आरोप लगाया है कि पंचायत चुनावों में वोटिंग प्रक्रिया में गड़बड़ियां हो रही हैं।
पार्टी प्रवक्ता शीशपाल सिंह बिष्ट ने कहा कि सितंबर 2019 के एक सरकारी आदेश को दिसंबर 2019 में संशोधित किया गया था, जिसमें कहा गया था कि:
“अगर कोई व्यक्ति पहले से किसी निकाय का वोटर है और वह ग्राम सभा में नाम जुड़वाता है या चुनाव लड़ता है तो उसे अयोग्य घोषित किया जाएगा।”
लेकिन इस नियम को लागू नहीं किया गया, जिससे फर्जीवाड़े की आशंका बढ़ रही है।
कांग्रेस ने मांग की है कि 2019 का संशोधित आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए, ताकि चुनावों में पारदर्शिता बनी रहे।