A tough decision was taken on terrorism in the BRICS Summit, India got global support
6 जुलाई 2025 को ब्राजील के Rio de Janeiro में आयोजित BRICS Summit के पहले दिन, सदस्य देशों ने Pahalgam Terror Attack की तीखी निंदा करते हुए आतंकवाद को लेकर Zero Tolerance Policy की बात दोहराई। इस दो दिवसीय शिखर सम्मेलन में भारत, ब्राजील, रूस, चीन और साउथ अफ्रीका के नेताओं ने स्पष्ट किया कि आतंकियों की सीमा पार आवाजाही और उन्हें दी जा रही पनाह को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
BRICS Rio Declaration: आतंकवाद पर कड़ा रुख
Summit के बाद जारी ‘Rio de Janeiro Declaration’ में BRICS देशों ने वैश्विक आतंकवाद की चुनौतियों, मिडिल ईस्ट की स्थिति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में बढ़ते टैरिफ पर अपनी चिंता जताई।
घोषणा में कहा गया:
“हम 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हैं।”
साथ ही BRICS ने terror financing, safe havens for terrorists और cross-border terrorism को खत्म करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
घोषणा में यह भी साफ किया गया कि:
आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए double standards को पूरी तरह अस्वीकार किया जाना चाहिए।
सभी देशों को international law के तहत अपने दायित्व निभाने चाहिए।
संयुक्त राष्ट्र द्वारा designated terrorist organizations पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई।
पीएम मोदी बोले: “यह भारत नहीं, मानवता पर हमला था”
PM Narendra Modi ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा:
“Terrorism आज मानवता के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है। 22 अप्रैल को पहलगाम में हुआ हमला हमारी आत्मा और गरिमा पर सीधा वार था। यह केवल भारत पर नहीं, पूरी मानवता पर हमला था।”
उन्होंने आगे कहा:
“दुख की इस घड़ी में जो मित्र देश भारत के साथ खड़े हैं, मैं उनका आभार प्रकट करता हूं।”
Global Governance में सुधार की मांग
‘Reform in Global Governance’ सत्र में मोदी ने मौजूदा वैश्विक संस्थाओं की अप्रासंगिकता पर सवाल उठाते हुए कहा:
“20वीं सदी में बने ये institutions अब 21वीं सदी की चुनौतियों का सामना करने में असमर्थ हैं। Global South को decision making में उचित स्थान नहीं दिया गया है।”
उन्होंने इसकी तुलना no network वाला sim card से की, और कहा कि बिना Global South के ये संस्थाएं credibility और effectiveness खो देती हैं।