Uttarakhand Landslide Alert: Highway blocked due to landslide in Karnaprayag, rescue of people continues
Uttarakhand के Chamoli जिले के Karnaprayag क्षेत्र में एक बार फिर Landslide का बड़ा खतरा सामने आया है। भारी बारिश के चलते Umta के पास एक बार फिर पहाड़ दरक गया, जिससे हाईवे किनारे बने मकानों में मलबा घुस गया।
प्रशासन ने तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया और घरों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया।
Badrinath National Highway (NH-7) बंद
भूस्खलन का असर सिर्फ मकानों तक ही सीमित नहीं रहा। Badrinath Highway (NH-7) को एक बार फिर Tal Dhari के पास बंद कर दिया गया है, जहां पहले भी रविवार को मलबा और बड़ा बोल्डर गिर चुका है।
सौभाग्य से, हादसे के वक्त हाईवे से गुजर रहे वाहन बाल-बाल बच गए और कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई।
चट्टान टूटने से Nainisain Road भी बाधित
इसके अलावा, Karnaprayag-Nainisain मोटर मार्ग पर भी लगभग 500 मीटर आगे ITI के पास चट्टान टूटने से रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है।
अब ग्रामीणों को Dimmer-Simli route से लंबा रास्ता तय कर कर्णप्रयाग पहुंचना पड़ रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी हो रही है।
चार जिलों में Rainfall Yellow Alert, बिजली-गर्जना के साथ तेज बौछारें संभावित
Uttarakhand Weather Department ने Dehradun, Tehri, Nainital और Champawat जिलों में Yellow Rain Alert जारी किया है। इन क्षेत्रों में अगले पांच दिनों तक तेज बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।
मौसम विज्ञानी Rohit Thapliyal के मुताबिक, कुछ पर्वतीय इलाकों में intense rain showers हो सकती हैं, जिससे landslide risk और भी बढ़ गया है।
देहरादून में हल्की बारिश के बाद तापमान में बढ़ोतरी
राजधानी देहरादून में बुधवार को हल्की बारिश के बाद धूप निकलने से maximum temperature 2.5 डिग्री और minimum temperature 1.1 डिग्री तक बढ़ गया।
हालांकि Thursday को thunderstorm और multiple rain spells की संभावना जताई गई है, जिससे पारे में 1.4 डिग्री की गिरावट का अनुमान है।
Uttarakhand में मॉनसून ने बढ़ाई चिंता, सतर्कता जरूरी
भूस्खलन और लगातार हो रही बारिश के कारण Uttarakhand के पहाड़ी क्षेत्रों में travel disruptions, property damage और life risk बढ़ते जा रहे हैं। Karnaprayag समेत कई क्षेत्रों में सड़कें बंद हैं, लोग घर छोड़ने को मजबूर हैं और प्रशासन सतर्क है।
ऐसे में यात्रियों और स्थानीय लोगों से अनुरोध है कि वे मौसम विभाग के अलर्ट को गंभीरता से लें और non-essential travel से बचें।