Classroom Scam: मनीष सिसोदिया ने ACB के सामने क्या कहा? अफसरों पर डाली जिम्मेदारी, 35 सवालों में उलझे ‘AAP’ नेता
दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया एक बार फिर जांच एजेंसियों के घेरे में हैं। Anti-Corruption Branch (ACB) ने शुक्रवार को उनसे करीब साढ़े तीन घंटे तक पूछताछ की। मामला है—दिल्ली सरकार के स्कूलों में क्लासरूम निर्माण घोटाले (Classroom Construction Scam) का, जिसमें 2000 करोड़ रुपये से अधिक की अनियमितताओं का आरोप है।
क्या पूछे गए सवाल?
सूत्रों के अनुसार, ACB ने सिसोदिया से करीब 35 सवाल पूछे। इनमें शामिल थे:
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निर्माण कार्य में ठेकेदारों को कैसे चुना गया?
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टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी कैसे हुई?
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स्कूलों में शौचालय को क्लासरूम बताकर भुगतान कैसे किया गया?
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सत्येंद्र जैन की भूमिका क्या थी?
बैंक खातों और निजी जानकारियों से जुड़े सवालों पर सिसोदिया ने जवाब दिए, लेकिन सत्येंद्र जैन और टेंडर प्रक्रिया पर चुप्पी साध ली। उन्होंने कई सवालों की जिम्मेदारी विभागीय अफसरों पर डाल दी।
आरोप क्या हैं?
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12,748 क्लासरूम या Semi-Permanent Structures (SPS) के निर्माण में ठेके ऊंची दरों पर दिए गए।
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34 ठेकेदारों को बिना उचित टेंडर प्रक्रिया के काम सौंपा गया।
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326 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान, बिना नया टेंडर जारी किए किया गया।
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कुछ ठेकेदारों के AAP नेताओं से संबंध सामने आए हैं।
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शौचालय को क्लासरूम दिखाकर भुगतान किए जाने के सबूत मिले हैं।
किस धारा में केस दर्ज?
मनीष सिसोदिया पर ACB ने 30 अप्रैल को केस दर्ज किया था। केस में शामिल धाराएं:
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भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)
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भारतीय दंड संहिता की धारा 409 (आपराधिक विश्वासघात)
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IPC धारा 120B (आपराधिक साजिश)
क्या बोले AAP और BJP नेता?
AAP की नेता आतिशी ने इसे झूठा और राजनीतिक षड्यंत्र बताया। उन्होंने कहा कि,
“मनीष सिसोदिया पर क्लासरूम घोटाले का आरोप पूरी तरह से फर्जी है।”
वहीं BJP प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने पलटवार करते हुए कहा:
“AAP सरकार के समय शौचालय को क्लासरूम दिखाकर करोड़ों का घोटाला हुआ। अब यह मामला अदालत तक जाएगा और कई ‘आप’ नेता जल्द ही जेल जाएंगे।”